दाल और सब्जी में सुगंध का तड़का लगाने वाला हींग एक ऐसा मसाला है जो सेहत के लिए भी बेहद फायदेमंद है। इसका इस्तेमाल आयुर्वेदिक चिकित्सा में वर्षों से किया जा रहा है। हींग का उपयोग पाचन और गैस में सहायता के साथ-साथ ब्रोंकाइटिस और गुर्दे की पथरी के इलाज के लिए किया जाता है। चलिए जानते हैं खाने में स्वाद का तड़का लगाने वाला यह मसाला आपकी सेहत के लिए कैसे फायदेमंद है? इसके सेवन से आप किन बीमारियों से दूर रहेंगे। साथ ही ये भी जानें इसका कब और कैसे इस्तेमाल करना है?इन परेशानियों में है कारगर:पाचन करे बेहतर: हींग पेट और छोटी आंत में पाचन एंजाइमों की एक्टिविटी को बढ़ाकर पाचन को बेहतर बनाने में मदद करती है। इसलिए गैस्ट्रिक समस्याओं को रोकने के लिए हींग को अपनी डाइट में शामिल करें।  कान दर्द में कारगर: चुटकीभर हींग कान दर्द कम कर सकती है। हींग को सरसों के तेल में पका लें। इसे 1-2 बूंद की मात्रा में कान में डालें। इससे कानदर्द, कान में सनसनाहट तथा कान में घाव आदि में फायदा होता है।

पीरियड के दर्द में आराम: पीरियड के दौरान होने वाले दर्द को कम करने के लिए हींग का इस्तेमाल कर सकते है। हींग में पाए जाने वाले औषधि तत्व मासिक धर्म के समय होने वाले दर्द के साथ -साथ अन्य तकलीफों को भी कम करने में मदद करते है।

पेट दर्द और एसिडिटी में आराम: हींग का सेवन करने से पेट दर्द, ब्लोटिंग और अकिदित में आराम मिलता है। 3-5 ग्राम बराबर मात्रा में काला नमक, हींग तथा सोंठ पाउडर को गुनगुने पानी के साथ सेवन करें। इससे ब्लोटिंग नहीं होती और कमर, पीठ में होने वाले दर्द में आराम मिलता है।

वजन घटाने में है असरदार: अगर बढ़ते वजन से परेशान हैं तो हींग का पानी पीना शुरू करें। यह स्लो मेटाबॉलिज्म को मजबूत कर बेहतर बनाता है और वजन घटाने में मदद करता है।

कब और कैसे करें हींग पानी का इस्तेमाल:

हींग का पानी रोजाना पीने से सेहत को कई फायदे होते हैं ये तो आप जाना ही गए।चलिए अब जानते हैं इसका पानी कैसे बनाएं। एक गिलास गुनगुना पानी लें और उसमें आधा चम्मच हींग पाउडर मिलाएं। अब सुबह के समय खाली पेट इस पानी को पिएं।

Advertisement Carousel
Share.

Comments are closed.

chhattisgarhrajya.com

ADDRESS : GAYTRI NAGAR, NEAR ASHIRWAD HOSPITAL, DANGANIYA, RAIPUR (CG)
 
MOBILE : +91-9826237000
EMAIL : info@chhattisgarhrajya.com
July 2026
M T W T F S S
 12345
6789101112
13141516171819
20212223242526
2728293031