रायपुर( गजराज बांध संतोषी नगर पुराना धमतरी रोड रायपुर के बोरिया खुर्द में 230 एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ है( लेकिन अभी इसमें 100 एकड़ को काटकर मनोरंजन क्षेत्र बना रहे हैं। जल क्षेत्र वर्तमान में 130 एकड़ बचा और इसे भी पाट पाट कर 65 एकड़ कर डाले हैं। वर्तमान दशा अत्यंत ही खराब चारों ओर से तलाब पाटो कब्जा करो चल रहा है हमारी मांग है कि संपूर्ण 230 एकड़ को वाटर बॉडी यानी जल क्षेत्र बनाया जाए, इससे रायपुर की आगामी 50 सालों की पानी की समस्या समाप्त हो जाएगी। पर्यावरणविद डॉक्टर पुरुषोत्तम चंद्राकर ने कहा कि पर्यावरण व जल संरक्षण के लिए हम रायपुर वासियों को एक साथ आगे आना होगा, कुछ लोग यह मानते हैं कि पर्यावरण संरक्षण के लिए कार्य करना सिर्फ सरकार या कुछ संस्थाओं की जिम्मेदारी है, यह निरर्थक सोच है। वास्तव में पर्यावरण संरक्षण समाज के हर वर्ग तथा हर नागरिक की जिम्मेदारी है, प्रत्येक व्यक्ति जब इस अभियान से जुड़ेगा तभी हम पर्यावरण व जल संरक्षण के लिए सभी को एक साथ लाकर सफल हो सकते हैं। पृथ्वी के हर जीव के लिए जल की बहुत आवश्यकता होती है पेड़ पौधों के लिए भी जल की बहुत आवश्यकता होती है, जल तरल, ठोस, एवं गैस रूप में विद्यमान होता है, जल जीवन का सबसे आवश्यक घटक होता है और जीविका के लिए महत्वपूर्ण है, जल प्रकृति की अनमोल धरोहर है बिना पानी के जीवन संभव नहीं है, पीने के लिए शुद्ध जल हमारे लिए जरूरी है क्योंकि स्वच्छ एवं सुरक्षित जल अच्छे स्वास्थ्य की कुंजी है। डॉक्टर पुरुषोत्तम चंद्राकर ने बताया कि धरती के दो तिहाई पानी भरा हुआ है फिर भी पीने योग्य शुद्ध जल पृथ्वी पर उपलब्ध जल का मात्र 1 प्रतिशत हिस्सा ही है 97 प्रतिशत जल महासागर में खारे पानी के रूप में भरा हुआ है शेष रहा 2 प्रतिशत जल बर्फ के रूप में जमा हुआ है। आज समय है कि हम पानी की कीमत समझे यदि जल व्यर्थ बहेगा तो आगे आने वाले समय में पानी की कमी एक महा संकट बन जाएगा ऐसी भी आशंका जताई जाती है कि अगर तीसरा विश्व युद्ध हुआ तो वह जल संकट के कारण होगा । उक्त बातें जल संरक्षण व जल संकट विषय पर चर्चा करते हुए डॉक्टर पुरुषोत्तम चंद्राकर ने बताया।

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