ईटानगर । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को अरुणाचल प्रदेश में 5,100 करोड़ रुपए से अधिक की 13 विकास परियोजनाओं का शिलान्यास किया। क्षेत्र में विशाल जलविद्युत क्षमता का उपयोग करने और निरंतर ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री ने ईटानगर में 3,700 करोड़ रुपए से अधिक की लागत वाली दो प्रमुख जलविद्युत परियोजनाओं की भी आधारशिला रखी।

दोनों बिजली परियोजनाओं का विकास नॉर्थ ईस्टर्न इलेक्ट्रिक पावर कॉर्पोरेशन (नीपको) की ओर से अरुणाचल प्रदेश सरकार के साथ एक संयुक्त उद्यम के रूप में किया जा रहा है। प्रधानमंत्री ने राजधानी के इंदिरा गांधी पार्क में एक विशाल जनसभा को भी संबोधित किया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि अरुणाचल की यह भूमि उगते सूर्य की धरती के साथ देशभक्ति के उफान की भी धरती है। जैसे तिरंगे का पहला रंग केसरिया है, वैसे ही अरुणाचल का पहला रंग भी केसरिया है। यहां का हर व्यक्ति शौर्य और शांति का प्रतीक है।

उन्होंने कहा कि विकास की किरण आते-आते कई दशक लग गए। मैं 2014 से पहले भी यहां कई बार आया हूं, आपके बीच रहा हूं। अरुणाचल को प्रकृति ने इतना कुछ दिया है। ये धरती, यहां के परिश्रमी लोग, यहां का सामर्थ्य, यहां इतना कुछ है। लेकिन जो लोग दिल्ली में बैठकर देश चला रहे थे, उन्होंने अरुणाचल को हमेशा नजरअंदाज किया।

पीएम मोदी ने कहा, कांग्रेस जैसे लोग सोचते थे, ‘यहां इतने कम लोग हैं, लोकसभा की सिर्फ दो ही सीटें हैं, तो क्यों अरुणाचल पर ध्यान दिया जाए?’ कांग्रेस की सोच से अरुणाचल को, पूरे नॉर्थ ईस्ट को बहुत नुकसान हुआ। हमारा पूरा नॉर्थ ईस्ट विकास में पीछे छूट गया। 2014 में जब आपने मुझे सेवा का मौका दिया, तब मैंने कांग्रेस की सोच से देश को मुक्ति दिलाने की ठान ली। हमारी प्रेरणा किसी राज्य में वोटों और सीटों की संख्या नहीं, नेशन फर्स्ट की भावना है।​

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि हम नॉर्थ ईस्ट के आठों राज्यों को अष्टलक्ष्मी के रूप में पूजते हैं, इसलिए इस क्षेत्र को विकास में पीछे नहीं देख सकते। यहां विकास के लिए केंद्र सरकार अधिक से अधिक धन खर्च कर रही है।

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