सडक़ पर गड्ढों या शहरों मे खुलें मैनहोल के कारण दुर्घटना होने की खबरें जब-तब आती है, लेकिन अब बॉम्बे हाईकोर्ट ने सरकारी तंत्र की लापरावाही पर सख्ती की है। हाईकोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार और शहरी निकायों को निर्देश दिया है कि सडक़ पर गड्ढों या खुले मैनहोलों के कारण दुर्घटना में मौत पर छह लाख रूपए का मुआवजा दें।

कोर्ट ने स्वप्रेरणा से लिए प्रसंज्ञान मामले में दि आदेश में यह भी कहा कि दुर्घटना में घायल होने वालों को 50 हजार रूपए से ढाई लाख रूपए तक का मुआवजा दिया जाना चाहिए। पात्र व्यक्तियों को दावा प्राप्त होने की तारीख से छह से आठ सप्ताह के भीतर मुआवजा दिया जाना चाहिए। यदि भुगतान में देरी होती है तो ब्याज भी देना होगा। कोर्ट ने कहा कि सुरक्षित सडक़े संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत लोगों के सम्मानजनक जीवन के अधिकार का हिस्सा है।














