राजनांदगांव। कोरोना से बचाव के लिए टीकाकरण की संभावनाओं को देखते हुए जिले में प्रारंभिक तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। इसी कड़ी में जिले के सभी सरकारी और निजी स्वास्थ्य संस्थाओं में कार्यरत स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों-कार्यकताओं का डॉटा-बेस तैयार किया जा रहा है। यह डॉटा-बेस टीकाकरण के लिए प्राथमिकता तय करने में सहायक माना जा रहा है। कोरोना पर नियंत्रण व इससे बचाव के लिए जिले में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। जन जागरूकता के लिए शिविर समेत विभिन्न कार्यक्रम आयोजित करने के साथ ही जिला प्रशासन के निर्देश पर अब जिले के सभी सरकारी और निजी स्वास्थ्य संस्थाओं में कार्यरत स्वास्थ्य कार्यकताओं का डॉटा-बेस तैयार किया जा रहा है। यह डॉटा-बेस टीकाकरण के लिए प्राथमिकता तय करने में सहायक होगा। हालांकि, डॉटा-बेस में नाम शामिल होने का तात्पर्य यह भी नहीं है कि उनका अनिवार्यत: टीकाकरण किया जाएगा। इस संबंध में निर्णय भारत सरकार द्वारा लिया जाएगा। टीकों के भंडारण एवं संधारण के लिए राज्य के पास पर्याप्त व्यवस्था है। इनके सुरक्षित संधारण के लिए राज्य में 530 कोल्ड-चेन (शीत श्रृंखला) प्वाइंट क्रियाशील हैं तथा 80 नए कोल्ड-चेन प्वाइंट शुरू किए जाएंगे। कोविङ-19 टीकाकरण की तैयारी और इसके सुचारू संचालन हेतु बेहतर अंतर्विभागीय समन्वय के लिए राज्य टास्क फोर्स समिति के गठन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। कोविड-19 टीकाकरण के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की मिशन संचालक राज्य नोडल अधिकारी होंगी।

इस संबंध में सीएमएचओ राजनांदगांव डा. मिथलेश चौधरी ने बताया, कोरोना की रोकथाम की दिशा में टीकाकरण की तैयारी एक कारगर प्रयास साबित हो सकता है। टीकाकरण की संभावनाओं को देखते हुए जिले में भी प्रारंभिक तैयारी शुरू कर दी गई है। जिले में 54 कोल्ड-चेन प्वाइंट बनाए गए हैं तथा कोविड-19 टीकाकरण का लाभ देने के लिए स्वास्थ्य विभाग के 10,000 कर्मचारियों को पहली प्राथमिकता में रखा गया है। इसी तरह कोविङ-19 टीकाकरण की तैयारी और सुचारू संचालन हेतु अंतर्विभागीय समन्वय के लिए राज्य टॉस्क फोर्स समिति के गठन की प्रक्रिया जारी है। उन्होंने बताया, गुजरे समय की तुलना में कोरोना संक्रमण फैलने की गति हालांकि अब काफी हद तक नियंत्रण में है, लेकिन खतरा अभी भी पूरी तरह टला नहीं है। कोरोना संक्रमण के लिहाज से ठंड का मौसम काफी खतरनाक हो सकता है, ऐसे में लोगों को सजग व सतर्क रहने की आवश्यकता है। डा. चौधरी ने लोगों से विशेषकर त्यौहार के समय भीड़ से बचकर मॉस्क जरूर लगाने, दो गज दूरी का अनिवार्यत: पालन करने तथा हाथों को समय-समय पर सैनेटाइज की अपील की है, ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके।


















