अमलेश्वर (पाटन)। छत्तीसगढ़ पर्यावरण मित्र समिति ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को अमलेश्वर दौरे के दौरान बादाम की पौधे भेंट कर स्वागत किया। इसके पहले भी समिति द्वारा मुख्यमंत्री को दो बार उनके निवास कार्यालय में जाकर बादाम के पौधे भेंट किए जा चुके हैं। 11 नवंबर को मुख्यमंत्री पाटन दौरे में शामिल होने के लिए जा रहे थे तभी अमलेश्वर में कोरोना संक्रमण के कारण से स्कूल ना लगने की स्थिति में बच्चों की पढ़ाई सतत जारी रखने के लिये शिक्षकों व स्वयंसेवी शिक्षा सारथी के द्वारा अमलेश्वर यादव समाज भवन में संचालित मोहल्ला स्कूल का निरीक्षण किया। इस बीच मुख्यमंत्री के मोहल्ला स्कूल में प्रवेश करने के पूर्व पर्यावरण मित्र समिति द्वारा बादाम के पौधे को स्वीकार करते हुए मुख्यमंत्री ने पर्यावरण मित्र समिति द्वारा पर्यावरण के क्षेत्र में किये जा रहे पर्यावरण संरक्षण के कार्यो की सराहना की। पौधे ग्रहण कर जैसे ही मुख्यमंत्री स्कूली बच्चों के बीच गये तो उन्हें भी पर्यावरण संरक्षण का विचार जोरो से सुझने लगा, सभी स्कूली बच्चों को पर्यावरण संरक्षण के लिए अपने अपने सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित करने के साथ ही अन्य दूसरे लोगों को भी पर्यावरण संरक्षण के कार्य में जुडऩे का निवेदन किया। सभी बच्चों को अपने-अपने क्षेत्रों में अधिक से अधिक पेड़ पौधा लगाकर उसका संरक्षण करने को कहा। इसी बीच कुछ बच्चों ने मुख्यमंत्री को गिनती का पहाड़ा सुनाएं तो कुछ बच्चों ने तुलसीदास जी द्वारा रचित दोहे को भी पढ़कर सुनाया गया। मुख्यमंत्री ने सभी बच्चों की सक्रियता को देखकर बहुत ही प्रभावित हुए साथ ही उन्होंने अमलेश्वर के निकट बहती खारून नदी जो हम सबकी जीवनदायिनी है उसमें लोगों के द्वारा प्लास्टिक एवं प्लास्टिक की वस्तुओं को फेंकने से रोकने के लिए प्रोत्साहित किया क्योंकि प्लास्टिक के कारण से हमारे जल प्रदूषण की मात्रा बढ़ जाती है और उसी पानी का सेवन करने से हम लोग बीमार पड़ जाते हैं उसके लिए भी सचेत किया सभी बच्चों को वर्तमान परिस्थिति में जो वैश्विक बीमारी कोरोना चल रहा है उसके लिए सभी बच्चों को स्वच्छ पानी से एवं साबुन व हैंड वॉश के माध्यम से बार-बार हाथ धोना, कीटाणु नाशक हैंड सेनीटाइजर का प्रयोग करना, एवं घर से बाहर निकलने पर अपने मुंह में कपड़े से बनी मास्क लगाना एवं रोज सभी क्षेत्रों में (सोशल डिस्टेंस) सामाजिक दूरी का सभी वक्त पालन करने का निवेदन किया जिससे हम लोग कोरोना की संक्रमण से बच सके, मुख्यमंत्री ने सभी बच्चों को एक शिक्षक की तरह पढ़ा कर सवाल-जवाब भी किये। पर्यावरण मित्र समिति के सदस्यों ने लोगों से निवेदन किया कि दीपावली के दिन अनावश्यक पटाखे फोडऩे से बचे। क्योंकि पटाखे फोडऩे से निकलने वाली कार्बन डाइऑक्साइड गैस, नाइट्रोजन, सल्फर, मीथेन जैसे गैसो के निकलने से हमारे पर्यावरण बहुत ज्यादा प्रदूषित होता है और हम सब जीव धारियों के स्वास्थ्य को भी यह प्रदूषण बुरी तरीके से प्रभावित करता है, बीमार होने की संभावना बढ़ जाती हैं, तो वही इससे निकालने वाली तेज अवाजे ध्वनि प्रदुषण में वृद्धि करता है, कान से संबंधित रोग होते है तेज आवाज से कान की पर्दे को नुकसान होने से लोग बहरे हो जाते हैं। साथ ही लोगों को मिट्टी से बने दिए जलाने का भी निवेदन किया जिससे कि हमारा पर्यावरण चक्र संतुलित बना रहे। इस बीच समिति के अध्यक्ष डॉ अश्वनी साहू, वरिष्ठ सलाहकार ललित बिजौरा, गीता लाल साहू ,संजू साहू कौशल वर्मा कोमल वर्मा, सोहन साहू ,प्रभु यादव धर्मेंद्र साहू, महेंद्र साहू एवं परस साहू उपस्थित रहे।
छत्तीसगढ़ पर्यावरण मित्र समिति ने मुख्यमंत्री को किया बादाम का पौधा भेंट, की पटाखा नहीं फोडऩे की अपील…
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