कानपुर,साइबर ठगी का एक ऐसा गिरोह पुलिस के हत्थे चढ़ा है, जो लोगों को “घर बैठे कमाई” का सपना दिखाकर उनकी मेहनत की कमाई पर हाथ साफ कर रहा था। फर्जी स्कीमों का जाल बुनकर भोले-भाले लोगों को फंसाने वाले तीन शातिर आरोपियों को बिल्हौर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार अभियुक्तों में वीरेंद्र (26), लवकुश उर्फ ठाकुर (29) और अरुण कुमार उर्फ छोटू उर्फ गया प्रसाद (20) शामिल हैं। तीनों आरोपी ग्राम गौरी, थाना बिल्हौर क्षेत्र के निवासी हैं। पुलिस ने इनके खिलाफ विभिन्न धाराओं और आईटी एक्ट की धारा 66डी के तहत मुकदमा दर्ज कर आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया है।
ऐसे रचते थे ठगी का जाल
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी बेहद सुनियोजित तरीके से साइबर ठगी को अंजाम देते थे। ये लोग सोशल मीडिया और मोबाइल कॉल के जरिए लोगों को आकर्षक स्कीमों का झांसा देते थे, जिसमें कम समय में ज्यादा मुनाफा मिलने का लालच दिया जाता था। जैसे ही कोई व्यक्ति इनके झांसे में आता, उससे अलग-अलग खातों में पैसे ट्रांसफर करवा लिए जाते थे। आरोपी पुराने बैंक खातों का इस्तेमाल करने के साथ-साथ फर्जी आधार कार्ड के जरिए नई सिम और बैंक खाते भी खुलवाते थे। इससे उनकी असली पहचान छिपी रहती थी और पुलिस तक पहुंचना मुश्किल हो जाता था। यही नहीं, जरूरत पड़ने पर ये जनसेवा केंद्रों और बैंकों में भी फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल करते थे।
बरामदगी ने खोली पूरी कहानी
पुलिस ने आरोपियों के पास से 3 एंड्रॉयड मोबाइल फोन, 3 कूटरचित आधार कार्ड, 4 बैंक पासबुक और 5 सिम कार्ड बरामद किए हैं। इन सामानों से यह साफ हो गया है कि यह गिरोह लंबे समय से सक्रिय था और कई लोगों को अपना शिकार बना चुका है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में पुलिस को उनके कुछ अन्य साथियों का भी पता चला है। जिनकी तलाश में पुलिस टीम लगी हुई है।जल्द ही पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जाएगा।
लोगों से अपील: लालच से बचें, सतर्क रहें
पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल, मैसेज या स्कीम के झांसे में न आएं। यदि कोई व्यक्ति कम समय में ज्यादा मुनाफे का दावा करता है, तो सतर्क हो जाएं। अपनी बैंकिंग और निजी जानकारी किसी के साथ साझा न करें, क्योंकि थोड़ी सी लापरवाही बड़ी ठगी का कारण बन सकती है।



















