
रायपुर। भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ के राष्ट्रीय महामंत्री एवं छत्तीसगढ़ राज्य सँयुक्त पेंशनर फेडरेशन के अध्यक्ष वीरेन्द्र नामदेव ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और मुख्यमंत्री कार्यालय को अलग अलग ट्यूट कर उत्तर प्रदेश सरकार के आदेश को संलग्न कर पेंशनर दिवस के अवसर पर आगामी 17 दिसम्बर को उत्तर प्रदेश की भांति छत्तीसगढ़ राज्य में भी सभी तहसील/ विकासखण्ड में शासकीय स्तर से कार्यक्रम आयोजित करने की मांग की है अपने ट्यूट मे विगत 20 वर्षो से लंबित पेंशनर्स की प्रमुख मांग राज्य पुनर्गठन अधिनियम की धारा 49 को हटाकर दोनो राज्यो के पेंशनरी दायित्व का विभाजन करने तथा गोविंदपुरा भोपाल स्थित स्टेट बैंक से सेन्ट्रल पेंशन प्रोसेसिंग सेल को रायपुर छत्तीसगढ़ में स्थानान्तरण करने सम्बन्धी निर्णय लेकर छत्तीसगढ़ के पेंशनरों को मध्यप्रदेश की आर्थिक गुलामी से मुक्ति दिलाने का आग्रह किया है। जारी विज्ञप्ति में आगे बताया है कि राज्य निर्माण के 20 वर्ष बीत जाने के बाद भी दोनो राज्य सरकार के लापरवाही से पेंशनरों के आर्थिक भुगतान में 74: 26 के अनुपात लागू रहने के कारण मध्यप्रदेश के सहमति और सेन्ट्रल पेंशन प्रोसेसिंग सेल स्टेट बैंक भोपाल के अनुमति के बिना कोई भी राशि पेंशनर के खाते भुगतान नही हो सकता। जिससे छत्तीसगढ़ राज्य सेवानिवृत्त हुये पेंशनरों और मृत पेंशनर्स के परिवार पेंशनरों को महंगाई राहत अथवा अन्य कोई भी राशि के लिये कई महीने इंतजार करना होता है और जल्दी भुगतान चक्कर में दलालों चंगुल में फँसकर रकम गंवाने को मजबूर होना पड़ता हैं।


















