राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) आज दोपहर दो बजे जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए भयावह आतंकी हमले के मामले में चार्जशीट दाखिल करने जा रही है. इस घटना ने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया था, जिसमें आतंकवादियों ने 22 निर्दोष पर्यटकों की निर्मम हत्या कर दी थी. जांच एजेंसी द्वारा गहन तफ्तीश के बाद तैयार की गई यह चार्जशीट मामले में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित होने वाली है. सूत्रों के अनुसार, पहलगाम हमले की जांच NIA को सौंपे जाने के बाद एजेंसी ने मात्र 232 दिनों में अपनी तफ्तीश पूरी कर ली है. यह तेजी जांच की गंभीरता और एजेंसी की प्रतिबद्धता को दर्शाती है.
इसके अलावा इस केस में की गई पहली गिरफ्तारी के ठीक 176वें दिन आज चार्जशीट दाखिल की जा रही है. चार्जशीट पेश करने के दौरान NIA के एसएसपी रैंक के अधिकारी भी कोर्ट में मौजूद रहेंगे, जो इसकी अहमियत को रेखांकित करता है. माना जा रहा है कि चार्जशीट में आतंकी साजिश से जुड़े कई महत्वपूर्ण खुलासे किए गए हैं. विशेष रूप से हमलावरों के पाकिस्तानी कनेक्शन और उनके तार प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े होने के ठोस सबूत सामने आने की संभावना है. जांच के दौरान यह स्पष्ट हो चुका है कि हमले को अंजाम देने वाले तीनों आतंकवादी पाकिस्तान के नागरिक थे और लश्कर-ए-तैयबा से संबंधित थे.
22 अप्रैल को पहलगाम में पर्यटकों पर हुआ यह हमला देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती बनकर उभरा था. हमले के तुरंत बाद केंद्र सरकार ने मामले की जांच NIA को सौंप दी थी, जिसने त्वरित कार्रवाई करते हुए जांच शुरू की. NIA की टीम ने घटनास्थल का गहन निरीक्षण किया, गवाहों के बयान दर्ज किए और डिजिटल एवं फॉरेंसिक सबूत जुटाए. जांच के क्रम में जून महीने में एजेंसी ने दो महत्वपूर्ण गिरफ्तारियां की थीं. गिरफ्तार आरोपी परवेज अहमद जोथर (बटकोट निवासी) और बशीर अहमद जोथर (पहलगाम निवासी) पर उन तीन आतंकवादियों को शरण देने और सहायता प्रदान करने का आरोप है, जिन्होंने हमले को अंजाम दिया था. इन दोनों आरोपियों ने पूछताछ में कबूल किया कि हमलावर पाकिस्तानी नागरिक थे और लश्कर-ए-तैयबा के सक्रिय सदस्य थे. इसके बाद भारतीय सेना की सतर्कता और बहादुरी से जुलाई महीने में एक मुठभेड़ में तीनों आतंकवादियों को मार गिराया गया. सेना की इस कार्रवाई ने हमले के मुख्य गुनहगारों को खत्म कर दिया, लेकिन साजिश के पीछे के नेटवर्क को उजागर करने की जिम्मेदारी NIA पर थी. आज दाखिल होने वाली चार्जशीट में इन स्थानीय सहयोगियों की भूमिका, आतंकियों की घुसपैठ के रूट और पाकिस्तान आधारित हैंडलर्स के साथ उनके संपर्कों का विस्तृत ब्योरा होने की उम्मीद है.














