ऑस्ट्रेलिया के सिडनी स्थित बॉन्डी बीच पर रविवार को हुई भीषण गोलीबारी में अब तक 15 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि दर्जनों लोग गंभीर रूप से घायल हैं। यह घटना यहूदी समुदाय के पर्व हनुक्का के दौरान हुई, जिसके बाद पूरे ऑस्ट्रेलिया में हड़कंप मच गया है। सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
दो हमलावर, बाप-बेटे होने की पुष्टि
अधिकारियों के अनुसार, हमले को दो बंदूकधारियों ने अंजाम दिया, जो आपस में पिता-पुत्र थे। उनकी पहचान 50 वर्षीय साजिद अकरम और उसके 24 वर्षीय बेटे नवीद अकरम के रूप में हुई है। दोनों ने खास तौर पर बॉन्डी बीच को निशाना बनाकर अंधाधुंध फायरिंग की।
कैसे हुआ हमला
रविवार, 14 दिसंबर को बॉन्डी बीच पर हनुक्का पर्व के आयोजन के लिए बड़ी संख्या में लोग जुटे थे। कार्यक्रम का आयोजन बॉन्डी के चाबड़ संगठन की ओर से किया गया था। इसी दौरान काले कपड़ों में दो हथियारबंद लोग कैंपबेल परेड मैदान और बॉन्डी बीच पवेलियन के बीच बने पुल पर दिखाई दिए। ऊंचाई से नीचे मौजूद भीड़ पर लगातार गोलियां चलाई गईं।
पुलिस द्वारा जारी वीडियो फुटेज में सामने आया कि पुल पर मौजूद एक हमलावर साजिद अकरम था, जबकि दूसरा उसका बेटा नवीद अकरम। फायरिंग के बाद साजिद पुल से नीचे पार्क एरिया में पहुंच गया, जहां लोगों में अफरा-तफरी मच गई और वे जान बचाकर इधर-उधर भागने लगे।
बहादुरी से टला बड़ा नुकसान
इसी दौरान 43 वर्षीय अहमद-अल-अहमद नामक व्यक्ति ने पीछे से साजिद अकरम को पकड़कर उससे हथियार छीन लिया। बताया गया है कि अहमद सीरियाई मूल के हैं और अपने भाई के साथ बॉन्डी बीच पर कॉफी पीने आए थे। उन्हें हथियार चलाने का कोई अनुभव नहीं था, फिर भी उनकी बहादुरी से कई जानें बचने की बात कही जा रही है।
हथियार छीने जाने के बाद साजिद अकरम भागकर दोबारा पुल पर अपने बेटे नवीद के पास पहुंच गया। इसी बीच नवीद की गोलियां खत्म हो गईं और वह हथियार में दोबारा गोलियां भरने लगा। मौके का फायदा उठाते हुए पुलिस ने दोनों पर फायरिंग कर दी। साजिद को मौके पर ही गोली लगी और वह गिर पड़ा, जबकि नवीद गंभीर रूप से घायल हो गया। शाम करीब 7.30 बजे पुलिस ने पूरे इलाके को सुरक्षित घोषित कर दिया।
एक की मौत, दूसरे की हालत नाजुक
पुलिस की गोली लगने से साजिद अकरम की मौके पर ही मौत हो गई। नवीद अकरम को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है।














