ओमान के तट और होर्मुज के समीप एक वाणिज्यिक जहाज पर हुए हमले में दो भारतीय नाविकों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि एक अन्य नाविक अब भी लापता है। यह जानकारी फॉरवर्ड सीमेन यूनियन ऑफ इंडिया (FSUI) ने दी है। FSUI के महासचिव मनोज यादव ने बताया कि जहाज से संपर्क पूरी तरह बाधित है, जिसके कारण घटनाक्रम की पूरी जानकारी अभी जुटाई जा रही है। उन्होंने आगे कहा कि हम जहाज से संपर्क स्थापित नहीं कर पा रहे हैं। फिलहाल मिली जानकारी के अनुसार दो भारतीय नाविकों की मौत हो चुकी है, जबकि मुख्य अभियंता (चीफ इंजीनियर) अब भी लापता हैं। यादव ने कहा कि तीनों भारतीय अलग-अलग राज्यों से हैं। इनमें एक हिमाचल प्रदेश, एक उत्तर प्रदेश के देवरिया और एक आंध्र प्रदेश का निवासी है।
मृतकों की हुई पहचान
मृतक नाविकों की पहचान आदित्य शर्मा (डेक कैडेट) और शिवानंद चौरसिया (इंजन फिटर) के रूप में हुई है। लापता क्रू मेंबर चीफ इंजीनियर पटनाला सुरेश हैं।
‘अमेरिका को पता था’
इस दौरान FSUI के महासचिव ने बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी नौसैनिक बलों को जहाज पर सवार लोग भारतीय है, इसकी पूरी जानकारी थी। यादव ने कहा कि मुझे बिल्कुल विश्वास नहीं है कि अमेरिकी नौसेना को जहाज पर मौजूद भारतीयों और अन्य विदेशी नागरिकों की जानकारी नहीं थी। यदि जहाज ने उनके निर्देशों का पालन नहीं किया था, तो उसे हिरासत में लेना एक विकल्प हो सकता था।
MEA ने की थी निंदा
इससे पहले विदेश मंत्रालय ने सोमवार को जहाज पर हुए हमले की निंदा की थी। मंत्रालय ने बताया था कि जहाज पर मौजूद 24 भारतीय चालक दल के सदस्यों में से 21 को सुरक्षित बचा लिया गया है, जबकि तीन भारतीयों के लापता होने की सूचना है।
विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि हम ओमान तट के पास वाणिज्यिक जहाज MT Settebello पर हुए हमले की निंदा करते हैं। जहाज पर मौजूद 24 भारतीयों में से 21 को अब तक सुरक्षित बचा लिया गया है, जबकि तीन भारतीय अब भी लापता बताए जा रहे हैं। ओमान स्थित भारतीय दूतावास स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर राहत एवं खोज अभियान की लगातार निगरानी कर रहा है।
मंत्रालय ने क्षेत्र में बढ़ते समुद्री हमलों पर चिंता जताते हुए कहा कि यह स्थिति बेहद चिंताजनक है और क्षेत्रीय संघर्षों का सीधा परिणाम है। भारत ने सभी पक्षों से तनाव कम करने और कूटनीतिक समाधान के लिए जारी वार्ताओं को जल्द सफल बनाने की अपील की है, ताकि क्षेत्र में शांति और स्थिरता बहाल हो सके।



















