कोलकाता. ममता बनर्ती के खेल मंत्री अरूप बिस्वास ने खेल मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है. युवा भारती खेल परिसर में लियोनेल मेस्सी के कार्यक्रम के दौरान उत्पन्न हुई अराजकता में उनकी भूमिका पर शुरू से ही सवाल उठ रहे थे. बताया जा रहा है कि उन्होंने इसी माहौल को देखते हुए यह निर्णय लिया है.
पश्चिम बंगाल सरकार ने युवा भारती स्टेडियम में मेस्सी के आगमन के बाद मचे हंगामे की जांच के लिए तीन सदस्यीय आयोग का गठन किया है. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा गठित इस आयोग की अध्यक्षता सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति असीम कुमार रॉय कर रहे हैं. आयोग ने मंगलवार को नबन्ना में हुई घटना पर अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट पेश की. आयोग ने अपनी जांच रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंप दी है. सूत्रों के अनुसार, राज्य सरकार को एक विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित करने की सलाह दी गई है. जांच समिति ने निष्पक्ष जांच के लिए एसआईटी गठित करने का सुझाव दिया है. आयोग ने बिधान नगर पुलिस और राज्य खेल विभाग से 24 घंटे के भीतर रिपोर्ट मांगी है. इसमें मुख्य रूप से निम्नलिखित मुद्दों का उल्लेख किया गया है….
1) मैदान में पानी की बोतल
- इस मामले में कई सवाल उठाए गए हैं.
- पहला, मैदान में पानी की बोतल कैसे आई?
- दूसरा, क्या स्टेडियम के गेट पर सुरक्षा में कमी थी?
- तीसरा, किसकी जिम्मेदारी थी? उनकी भूमिका क्या थी?
2) मैदान के अंदर भीड़
- पहला, मैदान के अंदर किसे जाने की अनुमति थी?
- दूसरा, मैदान के अंदर के कार्यक्रम को लेकर क्या योजना थी?
- तीसरा, मैदान के अंदर कार्यक्रम को लागू करने की जिम्मेदारी किसकी थी? उनकी भूमिका क्या थी?
ये सारी जानकारी विधान नगर पुलिस और खेल विभाग से तुरंत 24 घंटे के अंदर मांगी गई है.
CEO ने क्या कहा?
रविवार सुबह जांच कमेटी ने युवभारती स्टेडियम की स्थिति का निरीक्षण किया. इसमें कमेटी के प्रमुख रिटायर्ड जज असीम कुमार राय हैं. इसके अलावा कमेटी में मुख्य सचिव मनोज पंथ, गृह सचिव नंदिनी चक्रवर्ती भी शामिल हैं. मेस्सी के कार्यक्रम के दौरान हुए हंगामे के बाद अब पुलिस की नजर सॉल्टलेक स्टेडियम के सीईओ देव कुमार नंद पर है. जांच कमेटी ने स्टेडियम जाकर उनसे पूछताछ की और ऐसा बताया गया है कि इस पूरे मामले के बारे में जानकारी मांगी गई. उन्होंने बताया कि घटना के समय वह वहां मौजूद नहीं थे, इसलिए उस घटना के बारे में कुछ नहीं कह सकते. उन्हें जानकारी नहीं है.














