भारत जमीन से लेकर आसमान और समंदर तक में अपनी ताकत को लगातार बढ़ा रहा है. ऑपरेशन सिंदूर के बाद इंडियन आर्म्ड फोर्सेज को लगातार अपग्रेड किया जा रहा है. मॉडर्न वॉरफेयर में एयरफोर्स और नेवी की घोषणा बेहद अहम है. इजरायल-ईरान से लेकर रूस-यूक्रेन वॉर तक में इसकी पुष्टि हो चुकी है. ऐसे में भारत आर्मी, एयरफोर्स और नेवी की ताकत को लगातार बढ़ा रहा है. एयरफोर्स के साथ ही नेवी पर ज्यादा फोकस है. इस लिहाज से बुधवार 17 दिसंबर 2025 का दिन काफी ऐतिहासिक साबित हुआ है. नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी की मौजूदगी में नेवी की गोवा में स्थित INS हंसा नेवी बेस पर दूसरी MH-60R रोमियो मल्टी-रोल हेलीकॉप्टर स्क्वाड्रन को कमीशन किया गया. इसके साथ ही भारत उन वर्ल्ड पावर्स की लिस्ट में शामिल हो गया है, जिनके पास सबमरीन यानी पनडुब्बी को हेलीकॉप्टर के जरिये पानी के अंदर ही तबाह करने की क्षमता है.
रोमियो हेलीकॉप्टर की कमीशनिंग से इंडियन नेवी की ताकत में कई गुना तक ईजाफा होगा. यह भारतीय नौसेना के आधुनिकीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. अमेरिका से साल 2020 में खरीदे गए 24 MH-60R हेलीकॉप्टरों में से अब दूसरी पूरी स्क्वाड्रन तैयार हो गई है. पहली स्क्वाड्रन INAS 334 को मार्च 2024 में कोच्चि में कमीशन किया गया था. इन हेलीकॉप्टरों की वजह से नौसेना की पनडुब्बी रोधी युद्ध (एंटी-सबमरीन वारफेयर), सतही हमले (Surface Attack), निगरानी और खोज-बचाव की क्षमता में भारी बढ़ोतरी हुई है.



















