रायपुर। राज्य कर्मचारी संघ के पूर्व प्रांताध्यक्ष एवं छत्तीसगढ़ राज्य सँयुक्त पेंशनर्स फेडरेशन के अध्यक्ष वीरेन्द्र नामदेव ने प्रदेश के कर्मचारियों को साल में एकबार मिलने वाली वार्षिक वेतन वृद्धि को राज्य शासन द्वारा वित्तीय संकट पर सुधार हेतु विलम्बित रखने के निर्णय को ध्यान में रखते हुए राज्य में सेवारत भारतीय प्रशानिक सेवा के आईएएस, आईएफएस, आईआरएस सहित अन्य अधिकारियों को जिन्हें राज्य के बजट से ही राशि का भुगतान किया जाता है, उन्हें स्वयं होकर माह जुलाई 2020 से मिल रहे वार्षिक वेतन वृद्धि की राशि सरेण्डर करने की स्वयं घोषणा कर आदर्श प्रस्तुत करना चाहिए। जब तक राज्य के कर्मचारियों और पेंशनर तथा परिवार पेंशनरों को नही मिले तब तक उन्हें भी त्याग प्रस्तुत कर सरकार को वित्तीय सहयोग करना चाहिए।उनके इस निर्णय से राज्य के वित्तीय सेहत में सुधार होगा और करोड़ों रुपये की बचत होगी। यह अजीब विडम्बना है कि वित्तीय स्वालम्बन के नाम पर जो अधिकारी कर्मचारियों के वाजिब आर्थिक क्लेम को रोकने के लिये सरकार के सलाहकार बने हुए हैं वे स्वयं केन्द्र नियंत्रित भारतीय प्रशासनिक सेवा अधिकारी होने के कारण छत्तीसगढ़ शासन के बजट से लगातार पहले से जुलाई 19 से 5 प्रतिशत प्रतिशत महंगाई भत्ता की राशि प्राप्त कर रहे हैं। लेकिन राज्य के विकास में निरन्तर योगदान कर रहे राज्य सेवा के प्रथम, द्वितीय, तृतीय, एवं चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी आर्थिक लाभ से वंचित हैं।
राज्य में वित्तीय स्वालम्बन हेतु भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी वार्षिक वेतनवृद्धि नही लेने की स्वयं घोषणा कर आदर्श प्रस्तुत करें
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