मोक्ष की लालसा ने तीन युवकों को मौत के पास खींच लाया, याने कि मोक्ष पाने के लिए तीन युवकों ने पेड़ पर लटक कर अपनी जान दे दी। यहां एक महत्वपूर्ण बात यह है कि घटनास्थल पर पेड़ पर बंधे तीन फंदों पर लाशें लटक रही थी जबकि फांसी का चौथा फंदा खाली था। अब यह चौथा फंदा किसके लिये था यह सवाल पुलिस को सताये जा रही है। घटना महाराष्ट के भिवंडीके शाहपुर की है जहां नितिन भेरे, खर्डी स्थित चांदा गांव के महेंद्र दुभेले और मुकेश गायघाट 14 नवंबर को घर से अचानक गायब हो गए। उनके गायब होने के बाद पहले तो परिजनों ने उन्हें हर जगह खोजा जब वो लोग नहीं मिले तो हार मानकर उनकी गुमशुदा की रिपोर्ट पुलिस में दर्ज करा दी। उन चारों के गायब होने के 6 दिन बाद जब चांदा गांव के रूपेश नाम का शख्स अपने पशु को चरा रहा था उसी वक्त उनके इन तीनों की लाश को पेड़ पर लटका देखा जिसके बाद उसने पुलिस को इस पूरे घटना के बारे में सूचना दी। आपको बता दें कि महेंद्र दुभले, मुकेश गायघाट, नितिन भेरे तीनों एक दूसरे को जानते थे। जिसमें महेंद्र दुभले और मुकेश गायघाट के बीच मामा भांजे का रिश्ता था। बताया जा रहा है कि नितिन ने अपने घर में मंदिर बनवाया था। इतना ही नहीं उसके घर से तंत्र-मंत्र और चमत्कार की किताबें, चाकू, त्रिशूल, चाबुक और हल्दी-कुमकुम जैसी वस्तुएं भी थी। वहां पर रोजना सैकड़ों की संख्या में भक्त आते थे। जिसमें महेंद्र और मुकेश का भी नाम शामिल था। पुलिस को शक है कि पैसे और मोक्ष पाने के लिए इन तीनों ने ये कदम उठाया है। हालांकि जब तक पोस्टमार्टम रिपोट् नहीं आ जाती तब तक किसी भी नतीजे पर नहीं पहुंचा जा सकता है। सूत्रों की मानें तो पेड़ पर इन तीनों की लाश के साथ ही एक चौथा फंदा भी मौजूद था। जिस पर किसी की लाश नहीं थी उस चौथे फंदे को गुलाबी रंग की साड़ी से बनाया गया था। आपको बता दें कि चौथे फंदे ने इस केस को काफी पेचीदा बना दिया है। पुलिस इस केस की काफी बारिकी से जांच कर रही है। इस केस की जांच कर रही पुलिस ने एक शख्स को हिरासत में भी लिया है। पुलिस को शक है कि उस शख्स का इस केस से कुछ कनेक्शन हैं। शाहपुर के उपविभागीय पुलिस अधिकारी नवनाथ ढवले ने बताया कि पहली नजर में ये केस सुसाइड का लग रहा है।
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