अगले साल से एक्सप्रेसवे या नेशनल हाईवे पर सफर के दौरान आपको टोल के लिए रुकने की जरूरत नहीं होगी. बगैर रुके आपकी गाड़ी का टोल कटता रहेगा. सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय नए साल से कैमरा बेस्ड टोलिंग सिस्टम शुरू करने जा रहा है. मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार इसकी शुरुआत उन एक्सप्रेसवे या हाईवे से होगी, जहां पर सबसे ज्यादा कनेक्शन होता है या फिर जहां पर टोल करीब करीब हैं.
मौजूदा समय देश के 1.5 लाख किलोमीटर लंबे नेशनल हाइवे और एक्सप्रेसवे नेटवर्क में से करीब 45,000 किलोमीटर पर टोल वसूला जा रहा है. देशभर में 1000 से अधिक टोल प्लाजा हैं. इनमें से कई टोल प्लाजा में वाहनों की लाइन लग जाती है. इस वजह से वेटिंग टाइम भी बढ़ जाता है. इस समस्या से वाहन चालकों को राहत देने के लिए कैमरा बेस्ड टोलिंग सिस्टम की शुरुआत अगले साल की जा रही है.
क्या है मंत्रालय का प्लान
सड़क परिवहन मंत्रालय के अनुसार धीरे-धीरे टोल बैरियर खत्म किए जाएंगे. एएनपीआर (ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रिकगनिशन) तकनीक का इस्तेमाल करके टोल वसूलर जाएगा. इसी तकनीक से देशभर में टोल वसूला जाएगा. इस तकनीक का इस्तेमाल कई देशों में हो रहा है और इसके रिजल्ट भी बेहतर है. इसी को ध्यान में रखते हुए यहां पर भी शुरुआत की जा रही है.
कैसे कटेंगे पैसे
मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार टोल चुकाने के लिए जहां कैमरे लगे हैं, वहां पर गाड़ी धीमी नहीं करनी पड़ेगी. स्पीड से चलने वाहन का कैमरे से नंबर प्लेट की फोटो ली जाएगा. चूंकि नंबर प्लेट से फास्टैग लिंक है, इसलिए स्वत: टोल कट जाएगा. दिल्ली मेरठ एक्सप्रेसवे पर इसी तरह टोल वसूला जा रहा है.
कहां से होगी शुरुआत
कैमरा बेस्ड टोलिंग सिस्टम यानी ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रिकगनिशन की शुरुआत सबसे पहले उन टोल प्लाजा से की जाएगी, जहां पर वाहनों की संख्या ज्यादा रहती है और टोल कनेक्शन अधिक होता है. इसके अलावा कई नेशनल हाईवे या एक्स्प्रेसवे पर टोल प्लाजा काफी करीब-करीब हैं. इस वजह से वाहन चालकों को जल्दी जल्दी रुकना पड़ता है. करीब बने टोल प्लाजा को भी हटाया जाएगा.














