बस्तर की समृद्ध जनजातीय संस्कृति और लोक परंपराओं को वैश्विक पटल पर पहचान दिलाने के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सरकार ने ‘बस्तर पंडुम 2026’ की तैयारी शुरू कर दी हैं। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक में निर्णय लिया गया कि इस बार आयोजन में विभिन्न देशों के भारतीय राजदूतों को भी आमंत्रित किया जाएगा, ताकि बस्तर की कला और जीवन शैली का अंतराष्ट्रीय स्तर पर प्रचार-प्रसार हो सके।
12 विधाओं में दिखेगी बस्तर की झलक: इस वर्ष पंडुम का दायरा बढ़ाते हुए विधाओं की संख्या सात से बढ़ाकर 12 कर दी गई हैं। इसमें जनजातीय नृत्य, गीत, वाद्ययंत्र, शिल्प के साथ-साथ विशेष रूप से आदिवासियों की पूजा-पद्धति पांरपरिक व्यंजन, वन-औषधि और आंचलिक साहित्य का प्रदर्शन होगा।
‘बस्तर पंडुम 2026’ की तैयारी शुरू, 2000 पंचायतों में मनेगा बस्तर पंडुम, आएंगे कई देशों के राजदूत
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