मध्यप्रदेश- नए साल का जश्न शुरु हो चुका है। लोग धर्मस्थलों में जाकर अपने आराध्योें के दर्शन पूजन कर रहे हैं, पिकनिक स्पाट पर दिन गुजार रहे हैं और जंगलों की सैर कर रहे हैं। मध्यप्रदेश में भी टूरिस्ट स्थलों पर जबर्दस्त गहमागहमी है। खासतौर पर यहां के टाइगर रिजर्व में टूरिस्टों की भीड़ लग रही है। कुछ आपराधिक तत्व इस माहौल का बेजा इस्तेमाल कर रहे हैं। टूरिस्टों के साथ बुकिंग के नाम पर धोखाधड़ी की जा रही है। प्रदेश के टाइगर रिजर्व में सफारी टिकटों की बुकिंग के लिए केवल MPOnline ही अधिकृत है लेकिन कुछ मिलते जुलते नामों वाली वेबसाइट से बुकिंग की कोशिश की जा रही है। सरकार ने इस संबंध में टूरिस्टों को सचेत किया है।

मध्यप्रदेश के वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश के टाइगर रिजर्व में सफारी टिकटों की बुकिंग का काम कुछ अनधिकृत
वेबसाइट्स से किया जा रहा है। इनसे बुकिंग कराने पर पर्यटकों को धोखाधड़ी और आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ सकता है। वन विभाग ने टूरिस्टों को इससे सतर्क रहने की हिदायत दी है। वन अधिकारियों ने बुकिंग संबंधी ऐसी किसी भी शिकायत की तत्काल संबंधित कार्यालय को सूचना देने की अपील की है।

वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश के टाइगर रिजर्व में सफारी टिकटों की बुकिंग के लिए केवल MPOnline ही अधिकृत है। इसके अलावा किसी भी निजी वेबसाइट, मोबाइल ऐप या डिजिटल प्लेटफॉर्म को टाइगर रिजर्व में सफारी बुकिंग की अनुमति नहीं दी गई है। ऐसे किसी भी प्लेटफॉर्म के माध्यम से की जा रही बुकिंग अवैध है।

फारेस्ट विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि मध्यप्रदेश के टाइगर रिज़र्व में सफारी बुकिंग के लिए कुछ वेबसाइट और डिजिटल प्लेटफॉर्म मिलते जुलते भ्रामक नामों से सेवाएं देने का दावा कर रहे हैं। यदि किसी पर्यटक ने इन अनधिकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से सफारी बुक कराई है और वह धोखाधड़ी का शिकार हुआ है तो वह तत्काल संबंधित कार्यालय को इसकी सूचना दे।

विभाग का कहना है कि पर्यटकों के हितों की सुरक्षा और पारदर्शी, सुरक्षित एवं वैधानिक सफारी बुकिंग व्यवस्था सुनिश्चित करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।

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