अहमदाबाद: गुजरात और महाराष्ट्र के राज्यपाल आचार्य देवव्रत (66) का एक बार फिर से कॉमन मैन अवतार सामने आया है। सीपी राधाकृष्णन के उपराष्ट्रपति बनने पर जब उन्हें महाराष्ट्र का अतिरिक्त कार्यभार दिया गया था तब से ट्रेन मुंबई गए थे। उन्होंने वहां जाकर चार्ज ग्रहण किया था। गुजरात में सही अर्थों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकभवन की कल्पना को चरितार्थ कर रहे देवव्रत बुधवार को गांधीनगर के सोलैया गांव राज्य सरकार की सरकारी बस से गए। इस दौरान उन्होंने आम यात्रियों की तरह ही कंडक्टर से टिकट भी लिया। जब उन्होंने बतौर राज्यपाल महिला कंडक्टर से टिकट मांगा तो सभी दंग रह गए।
बस सर्विस का लिया फीडबैक
आचार्य देवव्रत ने बस के सफर के दौरान युवाओं और अन्य लोगों से बातचीत भी ली। इस दौरान उन्होंने ST बस के पैसेंजर्स को दी जाने वाली सुविधाओं, सफाई, समय की पाबंदी और सर्विसेज के बारे में जानकारी ली। उन्होंने यात्रा के बाद कहा कि कहा कि स्टेट ट्रांसपोर्ट सर्विस राज्य के लाखों लोगों के लिए पब्लिक ट्रांसपोर्ट का एक आसान जरिया है। गुजरात के ओवरऑल डेवलपमेंट सफर का एक अहम हिस्सा है। आचार्य देवव्रत लंबे समय से गुजरात के राज्यपाल के तौर पर काम कर रहे हैं। वह किसानों को प्राकृतिक खेती के गुर सिखाने के बाद अपनी पुराने जीवन को बरकरार रखे हुए हैं। वह राज्य के सरकारी स्कूल में रात्रि विश्राम करते हैं।
एक्स पर साझा किया वीडियो
राज्यपाल ने अपनी एसटी बस की यात्रा के दौरान सभी उम्र वर्ग के लोगेां से बातचीत की। राज्यपाल का यह सफर कई यात्रियों के लिए जिंदगी भर के लिए यादगार सफर बन गया। उन्होंने बस की महिला कंडक्टर को अपने पास बिठाकर बात की। माणसा तहसील के सोलैया गांव में उन्होंने वृक्षारोपण और स्वच्छता अभियान के कार्यक्रम में हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण केवल पर्यावरण संरक्षण नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वस्थ, सुरक्षित और संतुलित भविष्य के प्रति हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। स्वच्छता और हरित वातावरण के साथ जुड़ा यह प्रयास ही स्वस्थ समाज और समृद्ध भारत के निर्माण की सशक्त आधारशिला है।














