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राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, रायपुर शुक्रवार को 21वाँ स्थापना दिवस कार्यक्रम और श्रुति 25 कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि निदेशक डॉ एन वी रमना राव उपस्थित रहे। इसके साथ ही डीन (स्टूडेंट वेलफेयर) डॉ मनोज चोपकर, हेड, करियर डेवलपमेंट सेल , डॉ समीर बाज़पाई , संस्थान के सभी विभागाध्यक्ष, संकाय सदस्य, कर्मचारी, पूर्व छात्र, विद्यार्थी और उनके परिवारजन भी इस कार्यक्रम में उपस्थित रहे।

समारोह की शुरुआत अतिथियों और विशिष्ट व्यक्तियों का स्वागत एवं दीप प्रज्ज्वलन से हुई। डॉ मनोज चोपकर ने स्थापना दिवस पर अतिथियों, विशिष्ट व्यक्तियों और उपस्थित सभी का हार्दिक स्वागत किया। उन्होंने एनआईटी रायपुर के विकास और परिवर्तन को रेखांकित किया, जब यह सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज से एक अग्रणी संस्थान के रूप में विकसित हुआ जो स्नातक, स्नातकोत्तर और पीएचडी कार्यक्रमों में उत्कृष्टता प्राप्त कर रहा है। उन्होंने शिक्षण, नवाचार और शोध में हुए प्रगतियों पर प्रकाश डाला और इनोवेशन सेल अन्य पहलों के माध्यम से छात्रों के प्रभावशाली विचारों को प्रोत्साहित करने की बात कही। डॉ समीर बाज़पाई ने कहा कि संस्थान विभिन्न क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा और प्रगति के लिए प्रसिद्ध है। उन्होंने छात्रों से क्लबों और समितियों द्वारा आयोजित अतिरिक्त पाठ्यक्रम गतिविधियों में भाग लेने की प्रेरणा दी।

डॉ एन वी रमना राव ने संस्थान की प्रतिभा को निखारने और उत्कृष्टता प्राप्त करने की यात्रा पर प्रकाश डाला। उन्होंने संकाय सदस्यों और छात्रों की तकनीकी उन्नति और वास्तविक जीवन की समस्याओं के समाधान में योगदान की सराहना की। संस्थान की गौरवशाली परंपरा का जिक्र करते हुए, उन्होंने सभी से नए विचार अपनाने, कड़ी मेहनत करने और बड़े सपने देखने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि संस्थान तकनीकी कौशल, शोध, सांस्कृतिक गतिविधियों और खेलकूद को बढ़ावा देता है। डॉ राव ने संकाय सदस्यों और छात्रों के अथक प्रयास और योगदान के लिए अपनी कृतज्ञता व्यक्त की। पूर्व छात्रों की भूमिका को स्वीकार करते हुए उन्होंने संस्थान की प्रगति पर गर्व व्यक्त किया और एक उज्जवल भविष्य के निर्माण में निरंतर सहयोग के लिए धन्यवाद दिया।

इसके बाद पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया गया। डिस्टिंग्यूश्ड एल्युमिनस अवार्ड केमिकल इंजीनियरिंग, 1990 के पूर्व छात्र प्रो. अनुराग प्रभाकर मैरल को प्रदान किया गया। लाइफ टाइम अचीवमेंट पुरस्कार सिविल इंजीनियरिंग, 1975 के पूर्व छात्र श्री संतोष कुमार अग्रवाल और केमिकल इंजीनियरिंग, 1975 के पूर्व छात्र श्री सुधीर वर्मा को दिया गया। श्री एस. के. अग्रवाल ने संस्थान द्वारा उन्हें जीवन पर्यन्त उपलब्धि पुरस्कार से सम्मानित किए जाने के लिए अपनी कृतज्ञता व्यक्त की और छात्रों को इस विरासत को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया। इसके अलावा, छात्रों और संकाय सदस्यों को उनके शैक्षणिक और खेल-कूद में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए पुरस्कार प्रदान किए गए। अंत में धन्यवाद प्रस्ताव डॉ सुवेंदु रूप , फैकल्टी इन चार्ज , कल्चरल कमेटी द्वारा प्रस्तुत किया गया।

इसके बाद नृत्यम – द डांस क्लब द्वारा नृत्य प्रस्तुति और श्रुति 2025 के अंतर्गत संस्थान के रागा – द म्यूजिक क्लब द्वारा गायन प्रस्तुतियाँ आयोजित की गईं। इस कार्यक्रम में देश की विविध संगीत परंपरा को दर्शाते हुए विभिन्न शैली के गीत और धुनें प्रस्तुत की गईं, जिससे भारत में “एकता में विविधता” का संदेश और भी सशक्त रूप से सामने आया। कार्यक्रम में भक्ति गीत, रेट्रो और रॉक संगीत, 90 के दशक, सैयारा , सुन रहा हैं न तू , के माशअप जैसी विभिन्न संगीत शैलियों की प्रस्तुति दी गई, में परेशान, मेरे ढोलना, जाने जान और कायदे से जैसे गीतों ने माहौल को और जीवंत बना दिया। दर्शक इन भावपूर्ण प्रस्तुतियों को देखकर पूरी तरह मंत्रमुग्ध हो गए।














