अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का ‘मिशन वेनेज़ुएला’ तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। वेनेज़ुएला में चार शहरों में सैन्य ठिकानों पर एयरस्ट्राइक्स के बाद अमेरिकी सेना की डेल्टा फोर्स यूनिट राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को किडनैप करके न्यूयॉर्क ले आई, जहाँ पर ड्रग्स की तस्करी और नार्को-आतंकवाद के मामलों में उन पर मुकदमा चलाया जा रहा है। अब डेल्सी रोड्रिगेज़ को देश की अंतरिम राष्ट्रपति बनाया गया है, लेकिन वेनेज़ुएला के तेल भंडार पर अमेरिका का ही कब्ज़ा रहेगा। अब ट्रंप ने ‘मिशन वेनेज़ुएला’ को आगे बढ़ाते हुए अपने देश की तेल कंपनियों के अधिकारियों के साथ मीटिंग की है।
90 लाख करोड़ के निवेश की अपील
ट्रंप ने हाल ही में अमेरिकी तेल कंपनियों के अधिकारियों से मुलाकात की। इस मीटिंग में ट्रंप ने उनसे वेनेज़ुएला के तेल बिज़नेस में निवेश करने की अपील की। ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी तेल कंपनियों को कम से कम 100 बिलियन डॉलर (90 लाख करोड़ रुपये) का निवेश करना चाहिए, जो सरकारी धन नहीं बल्कि कंपनियों का अपना पैसा होगा।
सुरक्षा का दिया आश्वासन
ट्रंप ने तेल कंपनियों को पूरी सुरक्षा का आश्वासन दिया है। गौरतलब है कि अमेरिकी तेल कंपनियाँ सुरक्षा कारणों से ही वेनेज़ुएला में जाने से कतरा रही हैं क्योंकि वेनेज़ुएला की गिनती जोखिमभरे देशों में होती है। हालांकि ट्रंप ने वादा किया है अगर अमेरिकी तेल कंपनियाँ वेनेज़ुएला में निवेश करेंगी, तो उन्हें पूरी सुरक्षा मुहैया कराई जाएगी।
ट्रंप और तेल कंपनियो के अधिकारियों के बीच वेनेज़ुएला में निवेश पर कोई डील हुई या नहीं, फिलहाल इस पर कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है। हालांकि अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा है कि वह इस डील के बेहद करीब हैं और यह लगभग तय मानी जा रही है।














