बेंगलुरु: 2024 के लोकसभा चुनावों में हैदराबाद से असुदद्दीन ओवैसी के खिलाफ लड़ी माधवी लता के एक मस्जिद की तरफ से तीर छोड़ने का इशारा खड़ा करने पर बवाल मच गया था। अब इसी प्रकार की एक घटना कर्नाटक के बेलगावी जिले में सामने आई है। यह पर एक हिंदू धर्म की शाेभायात्रा के दौरान भगवा कपड़े पहने हर्षिता ठाकुर ने एक दरगाह की तरफ तीर चलाने का इशारा किया। इस भड़काऊ कृत्य के सामने आने के बाद बेलगावी पुलिस ने हिंदू नेता हर्षिता ठाकुर के साथ सात अन्य के खिलाफ केस दर्ज किया है। जानकारी के अनुसार यह घटना 18 जनवरी को निकाली गई एक शोभायात्रा के दौरान हुई। वीडियो सामने आने और तीखी प्रतिक्रिया के बाद पुलिस हरकत में आई है।
भड़काऊ बयान देने का भी आरोप
जानकारी के अनुसार बेलगावी जिला पुलिस ने मंगलवार को बेलगावी जिले के माछे गांव में एक दरगाह की ओर तीर चलाने के इशारे के संबंध में महाराष्ट्र की हर्षिता ठाकुर सहित हिंदू संगठनों के सात नेताओं के खिलाफ मामला दर्ज किया। पिछले रविवार को एक स्थानीय हिंदू संगठन ने हर्षिता ठाकुर को माछे में एक अखंड हिंदू समावेश कार्यक्रम में आमंत्रित किया था। कार्यक्रम से पहले आयोजकों ने गांव में एक जुलूस निकाला था। इसमें जिसमें हर्षिता ठाकुर एक खुली गाड़ी में सवार थीं। लोगों का कहना है कि जैसे ही गाड़ी सैयद अंसारी दरगाह के सामने से गुजरी, हर्षिता ठाकुर दरगाह की ओर मुड़ीं और बार-बार धार्मिक स्थल की ओर तीर चलाने के इशारे किए। उनके समर्थकों और भीड़ के कुछ सदस्यों ने तालियां बजाना और जयकारे लगाना शुरू कर दिया। हर्षिता ठाकुर पर कुछ भड़काऊ भाषण देने का भी आरोप है।
सात लोगों के खिलाफ केस दर्ज
पुलिस ने कहा है कि मामले की जांच चल रही है और जांच के नतीजों के आधार पर उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस कार्यक्रम के आयोजकों, जिनमें सुप्रीत सिम्पी, श्रीकांत कांबले, बेट्टप्पा तारिहाल, शिवाजी शाहपुरकर, गंगाराम तारिहाल और मल्लप्पा शामिल हैं, जो सभी बेलगावी के रहने वाले हैं, के खिलाफ भी मामले दर्ज किए गए हैं। हर्षिता ठाकुर के खिलाफ अब्दुल खादर मुजावर ने शिकायत दर्ज दर्ज कराई है। हिंदू संगठनों द्वारा बेलगावी में एक बड़ा हिंदू सम्मान आयोजित किया गया था।














