नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को विश्वास जताया कि अमेरिका और भारत प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) पर एक अच्छा समझौता करेंगे। दावोस में विश्व आर्थिक मंच की 56वीं वार्षिक बैठक को संबोधित करने के बाद ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा करते हुए उन्हें अपना करीबी दोस्त और एक सम्मानित वैश्विक नेता बताया। ये बयान ऐसे समय आए हैं जब भारत और अमेरिका टैरिफ को लेकर जटिल बातचीत कर रहे हैं। हाल के महीनों में आर्थिक तनाव बढ़ा है और भू-राजनीतिक मुद्दों ने दबाव को और बढ़ा दिया है। दरअसल, ट्रंप ने दूसरे कार्यकाल के दौरान भारत पर कड़े टैरिफ लगा दिए और पीएम मोदी को अपना अच्छा दोस्त भी बताते रहे हैं। ऐसे में भारत भी सधे कदमों से ट्रेड डील को लेकर अपने कदम बढ़ा रहा है। वह ऐसे बयानों के झांसे में नहीं आने वाला है।
ट्रंप भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर आशावादी
स्विट्जरलैंड के दावोस में व्यापार वार्ता की प्रगति के बारे में पूछे जाने पर भारतीय मीडिया से ट्रंप ने कहा-मैं आपके प्रधानमंत्री का बहुत सम्मान करता हूं। वे एक शानदार व्यक्ति और मेरे दोस्त हैं, और हम एक अच्छा समझौता करेंगे। प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर पहली बार प्रधानमंत्री मोदी की फरवरी 2025 में वॉशिंगटन यात्रा के दौरान चर्चा हुई थी। इस प्रस्ताव का लक्ष्य दोनों देशों के बीच व्यापार को वर्तमान लगभग 191 अरब अमेरिकी डॉलर से बढ़ाकर 2030 तक 500 अरब अमेरिकी डॉलर करना है, जो दोगुने से भी अधिक है।
भारत-अमेरिका व्यापार संबंध बेहद तनावपूर्ण
अमेरिका वर्तमान में कई भारतीय निर्यातों पर 50% तक का शुल्क लगाता है, जिसमें रूस से तेल खरीद के साथ-साथ भारत के उससे संबंध और ब्रिक्स संघ में भारत की भागीदारी से जुड़े उपाय भी शामिल हैं। भारत ने इसके जवाब में अमेरिका से आयातित कृषि उत्पादों पर चुनिंदा जवाबी शुल्क लगाए हैं। हाल ही में अमेरिकी दालों पर भारत के टैरिफ को कम करने को लेकर दो अमेरिकी सीनेटरों ने ट्रंप को पत्र भी लिखा था।
ट्रेड डील को संभव बनाने में लगे हैं दोनों पक्ष
अमेरिका द्वारा लगाए गए 50% शुल्क के बावजूद, भारत का अमेरिका को निर्यात स्थिर बना हुआ है। दिसंबर में, माल निर्यात 6.89 अरब डॉलर रहा, जो पिछले वर्ष के 7.01 अरब डॉलर और नवंबर के 6.98 अरब डॉलर से थोड़ा ही कम है। हाल ही में भारत के वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने इस बात पर जोर देते हुए कहा कि बातचीत कभी रुकी नहीं है और दोनों पक्ष इसमें लगे हुए हैं। उन्होंने कहा था कि दिसंबर के आखिरी सप्ताह में वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जैमीसन ग्रीर के साथ लंबित मुद्दों पर चर्चा करने के लिए एक वर्चुअल बैठक की। दिसंबर में एक अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल ने नई दिल्ली का दौरा किया। भारत में नए अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने भी 14 जनवरी को अपना कामकाज संभालने के बाद ट्रेड डील को लेकर उम्मीद जताई थी। वहीं, 13 जनवरी को विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से व्यापार, महत्वपूर्ण खनिजों, परमाणु सहयोग, रक्षा और ऊर्जा के मुद्दों पर बात की थी।














