नई दिल्ली | NCR के बुलंदशहर जिले में चार दिनों तक बैंक की शाखाएं बंद रहने वाली हैं। अगर किसी को बैंक से संबंधित कोई जरूरी काम है तो आज ही उसे बैंक जाकर पूरा करने की सलाह दी गई है। बैंक बंद रहने पर उन लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है, जो बैंक की ब्रांच में जाकर पासबुक अपडेट कराना या पैसों का जरूरी लेनदेन करवाना चाहेंगे। हालांकि बैंक प्रशासन ने कहा है कि एटीएम में पर्याप्त पैसे रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि लोगों को नकद निकालने में दिक्कत न हो। फिर भी छुट्टियां लगातार और लंबी होने की वजह से एटीएम पर भीड़ बढ़ने और कैश जल्दी खत्म होने जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
कब से कब तक बंद रहने वाले हैं बैंक?
बुलंदशहर में 24 जनवरी से बैंक बंद रहने वाले हैं। 24 जनवरी को महीने का चौथा शनिवार होने की वजह से बैंक नहीं खुलेंगे। 25 जनवरी को रविवार को छुट्टी रहेगी। इसके बाद 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के उपलक्ष्य पर अवकाश रहने वाला है। उसके बाद 27 जनवरी को बैंक कर्मचारियों की हड़ताल रहने वाली है, जिसकी वजह से एक दिन और बैंक नहीं खुलेंगे। इन सब कारणों की वजह से चार दिन तक बैंक की सेवाएं बंद रहने वाली हैं, जिससे बहुत सारे जरूरी काम अटक सकते हैं।
हड़ताल क्यों की जा रही है?
बैंक कर्मचारी यह हड़ताल अपनी पुरानी और लंबे समय से अटकी हुई मांगों को लेकर कर रहे हैं। यूएफबीयू के जिला संयोजक तरुण वीर तोमर ने बताया कि बैंक कर्मचारियों ने हफ्ते में सिर्फ पांच दिन काम होने की मांग को लेकर पत्र दिया था। इसी मांग के चलते यूएफबीयू से जुड़े अधिकारी और कर्मचारी संगठन 27 जनवरी को हड़ताल पर रहेंगे। कर्मचारियों का कहना है कि उनकी जरूरी मांगें बहुत समय से अटकी हुई हैं। सरकार ने उन मांगों पर कोई साफ फैसला नहीं लिया है, इस वजह से मजबूरी में कर्मचारियों को हड़ताल का रास्ता चुनना पड़ रहा है।
मांगे पूरी नहीं होने पर सख्त रुख
बैंक यूनियन के अनुसार, नेशनल लेवल पर इस हड़ताल को लेकर विचार विमर्श जारी है। सरकार के पास सोमवार से शुक्रवार तक रोजाना 40 मिनट बढ़ा देने और शनिवार की छुट्टी रखने की मांग के लिए प्रस्ताव भेजा जा चुका है। कर्मचारियों का आरोप है कि सरकार उनकी मांगों को लगातार नजरअंदाज कर रही है और उनकी बातें नहीं सुन रही है। कर्मचारियों ने साफ कह दिया है कि अगर तय किए गए समय तक किसी तरह का फैसला नहीं लिया जाता है तो 27 जनवरी को हर हालत में हड़ताल होगी और इसका सीधा असर बैंकों के कामकाज पर पड़ेगा।














