टी20 वर्ल्ड कप 2026 (T20 World Cup 2026) से पहले साउथ अफ्रीका के तीन प्रमुख बल्लेबाज चोटिल हो गए हैं. इसमें टोनी डी जोरजी (Tony de Zorzi), डोनोवन फेरेरा (Donovan Ferreira) और डेविड मिलर (David Miller) का नाम शामिल हैं. इन तीनों को यह चोट वेस्टइंडीज के खिलाफ होने वाली टी20 सीरीज और वर्ल्ड कप से ठीक पहले लगी है. डी जोरजी और फेरेरा तो वर्ल्ड कप से पूरी तरह बाहर हो गए हैं. वहीं, डेविड मिलर खेल पाएंगे या नहीं, यह अब उनके फिटनेस टेस्ट पर निर्भर करेगा.
डी जोरजी और डोनोवन फेरेरा का सपना टूटा
टीम के लिए सबसे बड़ा झटका टोनी डी जोरजी का बाहर होना है. उन्हें दाहिने पैर की हैमस्ट्रिंग में चोट लगी थी. यह चोट उन्हें पिछले महीने भारत के खिलाफ हुई वनडे सीरीज के दौरान लगी थी. उम्मीद थी कि वह जल्दी ठीक हो जाएंगे, लेकिन उनकी चोट को ठीक होने में उम्मीद से ज्यादा समय लग रहा है. ऐसे में टीम मैनेजमेंट ने कोई भी रिस्क नहीं लेने का फैसला किया है. इस कारण से डी जोरजी को वेस्टइंडीज सीरीज और वर्ल्ड कप दोनों से बाहर कर दिया गया है. वहीं, डोनोवन फेरेरा को बाएं कॉलरबोन में फ्रैक्चर हुआ है. उन्हें यह चोट 17 जनवरी को एसए20 लीग के एक मैच के दौरान लगी थी. इस गंभीर चोट के कारण यह आक्रामक बल्लेबाज भी वर्ल्ड कप जैसे बड़े टूर्नामेंट का हिस्सा नहीं बन पाएगा.
मिलर के खेलने पर भी सस्पेंस बरकरार
साउथ अफ्रीका के लिए चिंता यहीं खत्म नहीं होती. टीम के सीनियर और भरोसेमंद बल्लेबाज डेविड मिलर की चोट ने भी मैनेजमेंट की नींद उड़ा दी है. मिलर को एडक्टर मसल में चोट लगी है. यह चोट उन्हें खेलते समय ही लगी थी. इस चोट की वजह से वह वेस्टइंडीज के खिलाफ होने वाली टी20 सीरीज में हिस्सा नहीं ले पाएंगे. वर्ल्ड कप में उनका खेलना अब पूरी तरह से इस बात पर निर्भर करेगा कि वह टूर्नामेंट शुरू होने से पहले अपना फिटनेस टेस्ट पास कर पाते हैं या नहीं. अगर मिलर फिट नहीं होते हैं, तो यह टीम के लिए बहुत बड़ा नुकसान होगा. फिलहाल उनकी जगह रुबिन हरमन को टी20 टीम में बैकअप के तौर पर शामिल किया गया है.
नए खिलाड़ियों की हुई वाइल्ड कार्ड एंट्री
चोटिल खिलाड़ियों की वजह से साउथ अफ्रीका को अपनी वर्ल्ड कप टीम में बदलाव करने पड़े हैं. 15 खिलाड़ियों की इस टीम में दो नए चेहरों को मौका दिया गया है. रयान रिकेल्टन और ट्रिस्टन स्टब्स को टीम में शामिल किया गया है. रयान रिकेल्टन टॉप ऑर्डर में बल्लेबाजी को मजबूती देंगे, जबकि ट्रिस्टन स्टब्स अपनी ताबड़तोड़ बल्लेबाजी के लिए जाने जाते हैं. स्टब्स की क्षमता टीम के बल्लेबाजी क्रम को अंतिम ओवरों में और मजबूत बनाएगी. अब देखना होगा कि ये युवा खिलाड़ी वर्ल्ड कप जैसे बड़े मंच पर कैसा प्रदर्शन करते हैं.














