मुंबई नगर निगम चुनाव के नतीजे आए 11 दिन हो चुके हैं और मेयर का नाम अब तक साफ नहीं हो पाया है. लेकिन हाल ही में राज्य में मची राजनीतिक हलचलों से कयास लगाए जा रहे हैं कि अब जल्द ही मेयर के नाम का ऐलान होने वाला है.
BMC में मेयर बनाने की प्रक्रिया ने रफ्तार तेज होती जा रही है. मुख्यमंत्री के दावोस से लौटने के बाद मुंबई में राजनीतिक हलचल तेज है, जिसमें एकनाथ शिंदे वाली शिवसेना और बीजेपी दोनों सक्रिय भूमिका में नजर आ रहे हैं. आज मुंबई के कोंकन भवन में ग्रुप रजिस्ट्रेशन से जुड़े अहम कदम उठाए जा रहे हैं.
शिवसेना की सक्रियता
आज 27 जनवरी को एकनाथ शिंदे अपने सभी पार्षदों के साथ कोंकन भवन पहुंचकर ग्रुप रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी करेंगे. शिंदे गुट की ओर से यह कदम संगठनात्मक मजबूती दिखाने की कोशिश माना जा रहा है. BMC मेयर पद को लेकर पार्टी अपने संख्याबल को औपचारिक रूप से दर्ज कराने पर जोर दे रही है. कोंकन भवन को राजनीतिक गतिविधियों का केंद्र बनाया गया है, जहां प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत सभी दस्तावेज पूरे किए जाएंगे.
क्या होगा बीजेपी का कोर प्लान?
दूसरी ओर आज शाम 6 बजे मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस मुंबई बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं और कोर ग्रुप के साथ अहम बैठक करेंगे. इस बैठक में BMC मेयर चुनाव की रणनीति और आगामी कदमों पर चर्चा होगी. पार्टी नेतृत्व पार्षदों के ग्रुप रजिस्ट्रेशन और संभावित समीकरणों पर मंथन करेगा.
क्या कहता है नियम?
मुंबई नगर निगम अधिनियम, 1888 के तहत महापौर का चुनाव तय कानूनी प्रक्रिया के अनुसार किया जाता है. नगर सचिव आयुक्त से चर्चा कर चुनाव की तिथि तय करते हैं और इसके लिए विशेष बैठक बुलाई जाती है, जिसकी सूचना सभी पार्षदों को कम से कम 3 दिन पहले देना अनिवार्य होता है. इच्छुक उम्मीदवार निर्धारित प्रारूप में आवेदन करते हैं, जिस पर एक पार्षद प्रस्तावक और दूसरे अनुमोदक के हस्ताक्षर जरूरी होते हैं. चुनाव के दिन पीठासीन अधिकारी बैठक की कार्यवाही संचालित करते हैं और एक से अधिक उम्मीदवार होने पर हाथ उठाकर या गुप्त मतदान के जरिए चुनाव संपन्न कराया जाता है.














