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ED ने वित्तीय अनियमितताओं और मनी लॉन्ड्रिंग के एक बड़े मामले में बड़ी कर्रवाई की है। मुंबई जोनल कार्यालय ने अर्चना कुटे को गिरफ्तार किया है। ईडी ने 2 मार्च को उन्हें प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए), 2002 के तहत गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई मेसर्स ज्ञानराधा मल्टीस्टेट को-ऑपरेटिव क्रेडिट सोसाइटी लिमिटेड (डीएमसीसीएसएल) और उससे जुड़े वित्तीय घोटाले की जांच के सिलसिले में की गई है।

गिरफ्तारी के बाद अर्चना कुटे को मुंबई स्थित विशेष पीएमएलए अदालत में पेश किया गया, जहां अदालत ने उन्हें आगे की पूछताछ के लिए 7 मार्च तक ईडी की हिरासत में भेज दिया। ईडी की ओर से जारी प्रेस नोट में बताया गया कि जांच एजेंसी ने यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग की उस जांच के तहत की गई है, जिसकी शुरुआत महाराष्ट्र के विभिन्न पुलिस थानों में मई से जुलाई 2024 के बीच दर्ज कई एफआईआर के आधार पर हुई थी। इन एफआईआर में आरोप है कि सुरेश कुटे और उनके सहयोगियों ने ज्ञानराधा मल्टीस्टेट को-ऑपरेटिव क्रेडिट सोसाइटी लिमिटेड के जरिए निवेशकों के साथ बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी की।

14 पर्सेंट रिटर्न का दिया गया लालच

जांच में यह सामने आया कि सोसायटी ने निवेशकों को आकर्षित करने के लिए 12 से 14 प्रतिशत तक ऊंचे रिटर्न का लालच देते हुए विभिन्न जमा योजनाएं शुरू की थीं। इन योजनाओं में बड़ी संख्या में लोगों ने पैसा निवेश किया, लेकिन बाद में निवेशकों को उनकी जमा राशि का भुगतान नहीं किया गया या आंशिक भुगतान किया गया, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान हुआ।

2467 करोड़ रुपये अर्चना कुटे ने किए ट्रांसफर

ईडी की जांच में यह सामने आया कि सोसायटी के करीब 2,467 करोड़ रुपए कथित तौर पर लोन के रूप में कुटे ग्रुप की कंपनियों को ट्रांसफर किए गए। ये कंपनियां सुरेश कुटे और अर्चना कुटे के स्वामित्व या नियंत्रण में बताई जा रही हैं। ईडी के अनुसार, ये लोन बिना उचित दस्तावेज, बिना किसी गिरवी या सुरक्षा और बिना किसी वैध उपयोग प्रमाण के दिए गए थे। जांच एजेंसी का आरोप है कि इन पैसों का इस्तेमाल वैध कारोबारी गतिविधियों के बजाय निजी लाभ और अन्य असंबंधित व्यवसायों में निवेश के लिए किया गया।

1,621.89 करोड़ की प्रॉपर्टी जब्त

इस मामले में ईडी पहले ही अर्चना के पति सुरेश कुटे को गिरफ्तार कर चुकी है और उनके खिलाफ मुंबई की विशेष पीएमएलए अदालत में प्रोसिक्यूशन कंप्लेंट भी दाखिल की जा चुकी है। अदालत ने इस मामले में अपराध का संज्ञान भी ले लिया है। जांच के दौरान ईडी ने कई स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया है। इसके साथ ही एजेंसी ने इस मामले में कई प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर जारी किए हैं, जिसके तहत अब तक लगभग 1,621.89 करोड़ रुपये की चल और अचल संपत्तियों को जब्त या अटैच किया जा चुका है। ईडी के अधिकारियों के मुताबिक इस मामले में आगे की जांच जारी है।

अर्चना सुरेश, कुटे ग्रुप एंड कंपनीज की प्रबंध निदेशक थीं। वह सभी कंपनियों के संचालन की देखरेख करती थीं। अर्चना कुटे ने बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (वित्त में विशेषज्ञता) में एमबीए किया है। अर्चना ने ‘तिरुमल्ला एडिबल ऑयल्स’ लॉन्च किया। अर्चना ने कुटे ग्रुप फ्लेवर्ड ऑयल, कॉस्मेटिक्स, फार्मा और बेवरेजेज जैसे क्षेत्रों में लोगों से निवेश करवाया।

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