प्रयागराज: ममता कुलकर्णी पर बड़ी कार्रवाई करते हुए किन्नर अखाड़े से निष्कासित कर दिया गया है। शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती पर सवाल उठाने के बाद आचार्य महामंडलेश्वर डॉ लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने खुद इसकी घोषणा की है। किन्नर अखाड़े की आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी प्रो डॉ लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने उनके खिलाफ कार्रवाई की।
आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी प्रोफेसर डॉक्टर लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने कहा है कि हमारे गुरु स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती और ब्रह्मलीन स्वामी स्वरुपानंद सरस्वती के बीच कोर्ट में विवाद भी चल रहा था। उन्होंने कहा है कि लेकिन उन बातों पर हमें कोई टिप्पणी नहीं करनी है।
उन्होंने कहा कि किन्नर अखाड़ा इन सभी विवादों से पूरी तरह से दूर है।उन्होंने कहा है कि न मैं शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को सही कह रही हूं और ना गलत कह रही हूं, लेकिन चिंता की बात यह है कि प्रशासन को जिस तरह से हैंडल करना चाहिए था उस तरह से नहीं किया गया।
उन्होंने आगे कहा है कि सनातन की खिल्ली नहीं उड़नी चाहिए थी। हालांकि इस बात का दुख है कि बटुक ब्राह्मणों की शिखा पड़कर खींचा गया और मारा पीटा गया। आचार्य महामंडलेश्वर लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने कहा कि बटुकों के साथ जो कुछ हुआ इस पर हमें भी नाराजगी है।
लेकिन कोई अगर किसी परंपरा पर उंगली उठाए तो हमें दुख होता है। इसलिए किन्नर अखाड़े ने यामाई ममता नंद गिरी उर्फ ममता कुलकर्णी से दूरी बना ली है। अब वह किन्नर अखाड़े की सदस्य भी नहीं है।














