माघ पूर्णिमा -सनातन परंपरा में किसी भी मास के शुक्लपक्ष की पंद्रहवीं तिथि का बहुत ज्यादा महत्व माना गया है. हिंदू मान्यता के अनुसार इस जिस पूर्णिमा की पूजा करने से साधक पर भगवान विष्णु और चंद्र देवता का आशीर्वाद बरसता है, उसका पुण्यफल पाने के लिए आखिर क्या करना और क्या नहीं करना चाहिए, जानने के लिए पढ़ें ये लेख.
पंचांग के अनुसार माघ मास की पूर्णिमा 01 फरवरी 2026 को पड़ने जा रही है. आइए जानते हैं कि माघी पूर्णिमा का पुण्यफल पाने के लिए इस पावन तिथि पर आखिर क्या करना और क्या नहीं करना चाहिए.
माघ पूर्णिमा पर भूलकर न करें ये काम
- माघ पूर्णिमा के दिन सूर्योदय के बाद और दिन में भूलकर न सोएं.
- माघ पूर्णिमा के दिन भूलकर भी काले रंग के कपड़े न पहनें.
- माघ पूर्णिमा के दिन बाल या नाखून नहीं कटवाना चाहिए.
- माघ पूर्णिमा के दिन किसी के साथ तकरार न करें और न ही किसी चुगली, निंदा या फिर अपमान करें.
- माघ पूर्णिमा का दान करते समय दिखावा या अभिमान न करें, अन्यथा उसका पुण्यफल आपको नहीं प्राप्त होगा.
- माघ पूर्णिमा पर यदि गंगा स्नान करने की योजना बना रहे हैं तो घर से अशुद्ध अवस्था में न निकलें. हमेशा स्नान करके ही गंगा स्नान करने के लिए जाएं.
- माघ पूर्णिमा के दिन भूलकर भी तुलसी के पत्ते नहीं तोड़ना चाहिए. यदि आप भगवान विष्णु की पूजा में तुलसी दल चढ़ाना चाहते हैं तो उसे पहले से ही तोड़कर रखें.
माघ पूर्णिमा पर पुण्य की प्राप्ति के लिए क्या करें
- माघ पूर्णिमा के दिन पीले या सफेद रंग के वस्त्र धारण करें.
- माघ पूर्णिमा के दिन भगवान सत्यनारायण की कथा सुनें तथा हवन करें.
- माघ पूर्णिमा के दिन गंगा स्नान करने के बाद अपने सामर्थ्य के अनुसार अन्न, वस्त्र, धन आदि का दान करें.
- माघ पूर्णिमा पर भगवान विष्णु की कृपा पाने के लिए उनकी पूजा में श्री विष्णुसहस्त्रनाम या फिर नारायण कवच का पाठ करें.
- माघ पूर्णिमा पर चंद्रोदय के समय दर्शन और अर्घ्य देकर पूजन करें.
- माघ पूर्णिमा के दिन चंद्र देवता का आशीर्वाद पाने के लिए उनके मंत्र का जप करें.
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है.)














