Desk: अंतरराष्ट्रीय न्यूज एजेंसियों और एनालिस्टों की टिप्पणियों के अनुसार, बजट 2026 ऐसे समय में पेश किया जा रहा है जब दुनिया भर में भूराजनीतिक तनाव और आर्थिक अनिश्चितता व्याप्त है। भारत का Union Budget 2026-27 न सिर्फ देश के लिये, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था, निवेशकों, गरीब-मध्यम वर्ग और निर्यातकों के लिये भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विश्लेषक इसे महत्वपूर्ण आर्थिक संकेत और वैश्विक नेतृत्व भूमिका की दिशा में कदम के रूप में देख रहे हैं। है। भारतीय अर्थव्यवस्था को दुनिया की अन्य प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के मुकाबले काफी मजबूत बताया जा रहा है ।
भारतीय निर्यातकों ने कहा है कि बजट से घरेलू बाजार में मजबूती, टैक्स प्रोत्साहन और निवेश सहायता की उम्मीद है, खासकर तब जब वैश्विक टैरिफ और आर्थिक दबाव से निर्यात पर असर पड़ रहा है। उनके अनुसार बजट में इन सब पर ध्यान देना जरूरी है ताकि भारत के उत्पाद वैश्विक बाजारों में प्रतिस्पर्धी बने रहें।
अंतर्राष्ट्रीय निवेशक बजट के आंकड़ों और संभावित नीतियों की ओर ध्यान दे रहे हैं खासकर अधोसंरचना निवेश, टैक्स सुधार, और वैश्विक व्यापार को बढ़ावा देने वाले उपायों पर। इसका असर भारतीय शेयर बाजारों पर भी देखा जा रहा है, जहां बजट से पहले अस्थिरता और सतर्कता बनी हुई है। भारत का बजट केवल आर्थिक नीतियों तक सीमित नहीं है यह अब भूराजनीतिक संकेतों का भी एक हिस्सा बनता जा रहा है। युद्धों और अंतरराष्ट्रीय तनाव के बीच बजट के फैसले रक्षा, टेक्नोलॉजी, और निर्यात-आधारित उद्योगों को सपोर्ट करने की दिशा में देखे जा रहे हैं।














