तेहरान/अंकारा: तुर्की के इंस्ताबुल में होने वाली बातचीत से पहले ईरान ने अपने न्यूक्लियर प्रोग्राम को सस्पेंड करने के संकेत दिए हैं। न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक ईरान ने संकेत दिए हैं कि वो अपने परमाणु कार्यक्रम को बंद करने या सस्पेंड करने के लिए तैयार है। अमेरिकी अधिकारी फिलहाल इंस्ताबुल में ईरानी अधिकारियों से बातचीत करने की तैयारी कर रहे हैं। माना जा रहा है कि डोनाल्ड ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और उनके दामाद जेरेड कुशनर शुक्रवार को ईरान के विदेश मंत्री से मुलाकात कर सकते हैं। इस बैठक में तुर्की, कतर और मिस्र के अधिकारियों के भी शामिल होने की उम्मीद है।
तुर्की में ये बैठक उस वक्त होने वाली है जब अमेरिका ने अपने विशालकाय सैन्य संसाधन को मिडिल ईस्ट में भेज रखा है। ट्रंप ने ईरान पर हमले की चेतावनी दे रखी है। जबकि ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई, जिन्होंने अमेरिका के आगे ना झुकने की कसम खा रखी थी, उनके इरादे पर ढीले नजर आ रहे हैं। ईरान ने पहले डोनाल्ड ट्रंप की अपने न्यूक्लियर प्रोग्राम को रोकने की शर्त को मानने से इनकार कर दिया था। ईरानी सुप्रीम लीडर ने धमकी दी थी कि अमेरिकी हमले के बाद क्षेत्रीय युद्ध शुरू हो जाएगा।
न्यूक्लियर प्रोग्राम सस्पेंड करने को ईरान तैयार
रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिकी हमला टालने के लिए ईरान कई बड़ी शर्तें मानने के लिए तैयार हो सकता है। तेहरान ने अमेरिका को बताया है कि वह अपना न्यूक्लियर प्रोग्राम सस्पेंड करने के लिए तैयार है। हालांकि, उसने कहा है कि वह पिछले साल दिए गए उस प्रस्ताव को ज्यादा पसंद करेगा, जिसमें न्यूक्लियर पावर बनाने के लिए एक रीजनल कंसोर्टियम बनाने की बात कही गई थी। ईरान की नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सेक्रेटरी अली लारीजानी ने पिछले दिनों मॉस्को में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की थी। इस दौरान उन्होंने सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई का संदेश पुतिन को दिया था।
ईरान ने संकेत दिया कि वह अपने परमाणु बम बनाने के लिए एनरिच्ड किए गये यूरेनियम का स्टॉक, रूस भेज सकता है। ऐसा वो 2015 में हुए न्यूक्लियर डील के तहत कर चुका है। वहीं, ईरान के सुप्रीम लीडर के सीनियर सलाहकार अली शमखानी ने कहा है कि ईरान अपने स्टोर किए गए न्यूक्लियर मटीरियल को नहीं हटाएगा, लेकिन अगर उसे बदले में कुछ मिलता है, तो वह एनरिचमेंट को 60 प्रतिशत से घटाकर 20 प्रतिशत करने के लिए तैयार है।
ईरान के झुकते ही अमेरिका ने क्या संकेत दिए?
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को कहा है कि “हमारे जहाज अभी ईरान की तरफ जा रहे हैं, बड़े-बड़े जहाज… और हमारी ईरान के साथ बातचीत चल रही है। देखते हैं सब कैसा रहता है।” उन्होंने आगे कहा कि “ईरान बातचीत के लिए तैयार लग रहा है और न्यूक्लियर हथियारों पर बातचीत के लिए एक डेडलाइन तय की गई है।” हालांकि उन्होंने समय-सीमा नहीं बताई थी। इसके बाद ईरान ने भी कहा है कि उसे न्यूक्लियर बातचीत फिर से शुरू करने के लिए एक फ्रेमवर्क पर बातचीत आगे बढ़ने की उम्मीद है। तेहरान ने कहा कि वह तनाव कम करने के लिए अलग अलग देशों की तरफ से सुझाए गए कई डिप्लोमैटिक तरीकों की पड़ताल कर रहा है। उसने आने वाले दिनों में बातचीत के लिए एक फ्रेमवर्क पर बात बनने की उम्मीद जताई है।














