नई दिल्ली – राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र गुरुग्राम के सेक्टर-69 स्थित ट्यूलिप वॉलेट सोसाइटी में एक दर्दनाक और रहस्यमयी घटना सामने आई, जहां एक 13 साल के बच्चे की 14वीं मंजिल से गिरने के कारण मौत हो गई। मृतक की पहचान आरव सक्सेना के रूप में हुई है। हैरान करने वाली बात ये है कि आरव का इस सोसाइटी से दूर-दूर तक कोई कनेक्शन नहीं था। यह सोसाइटी आरव की सोसाइटी से करीब ढाई किलोमीटर दूर है। आरव फिलहाल, गुरुग्राम सेक्टर-70ए की बीपीटीपी एस्टेयर गार्डन सोसाइटी में अपने माता-पिता के साथ रहता था। घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है और पुलिस हर एंगल से मामले की जांच में जुटी है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, घटना रविवार शाम करीब 4 बजकर 20 मिनट की है। जब ट्यूलिप वॉलेट सोसाइटी के टावर नंबर बी-11 के पास सुरक्षाकर्मियों को जोरदार धमाके की आवाज सुनाई दी। मौके पर पहुंचे सुरक्षाकर्मियों ने देखा कि एक बच्चा जमीन पर लहूलुहान हालत में पड़ा है। उन्होंने तुरंत आरडब्ल्यूए पदाधिकारियों को इसकी सूचना दी और एंबुलेंस बुलाकर बच्चे को अस्पताल भेजने की तैयारी की, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। शुरुआती जांच में सामने आया कि बच्चा इस सोसाइटी का रहने वाला नहीं था। बाद में उसकी पहचान आरव के रूप में हुई।
सुरक्षाकर्मियों और आरडब्ल्यूए पदाधिकारियों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने मृतक की पहचान कराई। इसके बाद परिजनों से पूछताछ में पता चला कि आरव रविवार शाम करीब 4 बजे बीपीटीपी एस्टेयर गार्डन सोसाइटी से निकला था। उस समय उसके माता-पिता घर पर ही थे और उन्होंने समझा कि आरव खेलने के लिए नीचे गया है। सीसीटीवी फुटेज के अनुसार, वह अकेले पैदल ट्यूलिप वॉलेट सोसाइटी पहुंचा। वहां प्रवेश करने के बाद वह टावर बी-11 की लिफ्ट से ऊपर गया और छत पर पहुंचा। कुछ ही देर बाद नीचे गिरने की आवाज आई। इसके बाद पुलिस ने कई एंगल्स पर मामले की जांच शुरू की।
बीपीटीपी एस्टेयर गार्डन सोसाइटी के एक निवासी ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज में आरव सोसाइटी से निकलते समय और दूसरी सोसाइटी में प्रवेश से पहले बार-बार पीछे मुड़कर देखता नजर आ रहा है। इस बात ने मामले को और संदिग्ध बना दिया है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या आरव किसी से डर रहा था या किसी के बुलावे पर वहां गया था। बताया जा रहा है कि ट्यूलिप वॉलेट सोसाइटी में छत तक जाने का रास्ता खुला हुआ था। दरअसल, अक्टूबर 2018 में इसी परिसर की एक अन्य सोसाइटी में आग लगने की घटना के बाद सुरक्षा कारणों से छत के दरवाजे खोल दिए गए थे। इसी का फायदा उठाकर आरव छत तक पहुंच गया।














