रायपुर: मंत्रालय कर्मचारी संघ के सतत प्रयासों और मुख्य सचिव की संवेदनशीलता के चलते मंत्रालय के अधिकारियों और कर्मचारियों को ‘मिशन कर्मयोगी’ (iGOT) प्रशिक्षण के संबंध में बड़ी सफलता मिली है। कर्मचारी संघ के अध्यक्ष श्री चन्द्रकांत पाण्डेय के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने पिछले दिनों मुख्य सचिव से भेंट कर प्रशिक्षण से जुड़ी व्यावहारिक कठिनाइयों को दूर करने की मांग रखी थी, जिस पर त्वरित कार्रवाई की गई है।
मुख्य सचिव के निर्देश पर आदेश जारी
संघ की प्रमुख मांगों पर संज्ञान लेते हुए मुख्य सचिव ने सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) को निर्देशित किया था। इसके परिपालन में विभाग द्वारा दिनांक 21, 24 और 29 जनवरी 2026 को पत्र जारी कर स्पष्ट किया गया कि अब प्रशिक्षण के कारण किसी भी कर्मचारी का वेतन नहीं रोका जाएगा। साथ ही, प्रशिक्षण पूर्ण न होने की स्थिति में पदोन्नति (Promotion) पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभाव की बाध्यता को भी समाप्त कर दिया गया है।
हिंदी माध्यम में प्रशिक्षण की सुविधा
कर्मचारियों की सबसे बड़ी समस्या तकनीकी शब्दावली और अंग्रेजी माध्यम को लेकर थी। प्रशासन ने अब इस प्रशिक्षण को हिंदी माध्यम में उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है, जिससे कर्मचारियों के लिए कोर्स समझना और पूर्ण करना आसान होगा।
दो दिवसीय विशेष प्रशिक्षण शिविर संपन्न
मुख्य सचिव के निर्देशों के बाद मंत्रालय स्थित पंचम तल (सभागार) में 02 और 03 फरवरी 2026 को दो दिवसीय विशेष प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया गया। इस शिविर में विशेषज्ञ अंजू सिंह, अवर सचिव द्वारा कर्मचारियों को मिशन कर्मयोगी पोर्टल पर:
रजिस्ट्रेशन और लॉगिन की प्रक्रिया,
कोर्स का चयन और उसे पूर्ण करना,
सर्टिफिकेट डाउनलोड और विभागीय पोर्टल पर अपलोड करना,
जैसे महत्वपूर्ण चरणों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।
कर्मचारी संघ ने जताया आभार
संघ के अध्यक्ष श्री चन्द्रकांत पाण्डेय ने कहा कि प्रशासन के इस सकारात्मक रुख से मंत्रालय के कर्मचारियों में उत्साह है। वेतन रोकने और पदोन्नति पर रोक जैसे आदेशों के हटने से कर्मचारी अब मानसिक दबाव के बिना अपनी कार्यक्षमता बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित कर सकेंगे।














