राजस्थान, पाली जिले में स्टेट हाइवे पर स्थित आमलिया टोल नाके पर 7 से 8 युवकों ने 6 फरवरी को करीब 20 मिनट तक जमकर उत्पात मचाया. हमलावर छह गाड़ियों के काफिले में आए थे, जिनमें दो थार, एक स्विफ्ट, दो फोर्ड फिगो और एक कैंपर जीप शामिल थी. उन्होंने टोल बैरियर तोड़ते हुए टोल कैबिन पर भी हमला किया था.
युवकों ने लाठियां और हॉकी स्टिक से किया टोल कर्मचारियों पर हमला
टोल मैनेजर राहुल सामोता ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि आमलिया की ओर से आए इन युवकों ने बिना किसी बात के टोल केबिन में तोड़फोड़ शुरू कर दी और कर्मचारियों के साथ मारपीट भी करने लगे. आरोप है कि हमलावरों ने कुर्सी उठाकर कर्मचारी पिंटू सिंह पर हमला किया. वहीं उनके पास लाठियां, हॉकी स्टिक और सरिए थे, जिससे डरकर टोल स्टाफ अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगा.
5 फरवरी की घटना का सीसीटीवी फुटेज अब आया सामने
हमलावरों ने इसके बाद सर्वर रूम में घुसकर भी जमकर तोड़फोड़ की. टोल मैनेजर राहुल सामोता को अपनी जान बचाने के लिए सर्वर ऑफिस में छुपना पड़ा, लेकिन वहां भी हमलावरों ने उनके साथ मारपीट की. आरोप है कि इस दौरान मॉनिटर, प्रिंटर, सीसीटीवी कैमरे और कांच तोड़ दिए गए, साथ ही टोल कलेक्शन की राशि भी लूट ली गई.
घटना के दौरान बीच-बचाव करने आए बाबू लाल और कार्तिक के साथ भी मारपीट की गई. हमलावरों ने एक कैंपर जीप से टक्कर मारकर टोल पर खड़ी एक बाइक पर थार चढ़ा दी, जिससे केसर सिंह उसकी चपेट में आ गए और गंभीर रूप से घायल हो गए.
यह पूरी घटना गुरुवार (5 फरवरी) की शाम करीब 6 बजे की बताई जा रही है. जिसका सीसीटीवी फुटेज अब सामने आई है, जिसके आधार पर पुलिस ने यशपाल रावल (निवासी भंदर), भरत रावल (पिंडवाड़ा), कुलदीप सिंह राणावत (आसावा), कैलाश सिंह सहित 3-4 अन्य युवकों की पहचान की है. फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है, हालांकि हमले की असली वजह अब तक स्पष्ट नहीं हो पाई है.














