जम्मू ( उदय, तनवीर ) : मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बुधवार को लेजिस्लेटिव असेंबली में अपनी कही गई बातों पर अफसोस जताया और कहा कि उनका इरादा किसी को ठेस पहुंचाने का नहीं था, जबकि BJP विधायकों ने सदन के अंदर अपना प्रोटेस्ट जारी रखा। असेंबली में बोलते हुए, मुख्यमंत्री उमर ने कहा, “अगर मेरी बातों से किसी को ठेस पहुंची है तो मुझे पछतावा है। मेरी बातें उनके लिए थीं, उनके परिवार वालों के लिए नहीं। हालांकि, उनके फील्ड कमांडर (LoP सुनील शर्मा का जिक्र करते हुए) जाते समय मेरे स्वर्गीय दादा को भी इस मामले में घसीटने की हद तक चले गए।”
इससे पहले, BJP विधायकों ने कथित कमेंट को गलत और सदन की गरिमा के खिलाफ बताया। असेंबली के अंदर नारे लगाते हुए, सदस्यों ने मुख्यमंत्री से अपनी बात वापस लेने और माफी मांगने की मांग की, जिसके कारण थोड़ी देर के लिए वॉकआउट करना पड़ा।
बाद में BJP विधायक सदन में लौट आए और माफी की अपनी मांग दोहराई। उन्होंने कहा, “CM को आगे आकर कहना चाहिए कि यह ज़बान फिसलने से हुआ, अफ़सोस ज़ाहिर करना चाहिए और माफ़ी मांगनी चाहिए।” शोर-शराबे और लगातार विरोध के बावजूद, सदन की कार्यवाही चलती रही।
बता दें कि जम्मू-कश्मीर विधानसभा में मंगलवार को बजट पर चल रही बहस के दौरान नैकां और भाजपा के बीच फिर से तीखी नोकझोंक हुई। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने 6 फरवरी को प्रस्तुत किए बजट पर चल रही बहस का जवाब देना था। उससे पहले भी भाजपा-नैकां के विधायकों के बीच तीखी बहस हुई और बाद में जब मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला बजट पर जवाब दे रहे थे उस समय भी हंगामा हो गया। अलबत्ता दोनों पक्षों ने सदन के बाहर अपने-अपने बयान जारी किए।














