Maharashtra News: महाराष्ट्र राज्य में वर्तमान में बड़े पैमाने पर पुलिस भर्ती की प्रक्रिया चल रही है और हजारों युवा पुलिस बनने का सपना लेकर शारीरिक परीक्षण के लिए मैदान में उतर रहे हैं, लेकिन बीड़ जिले में चल रही पुलिस भर्ती प्रक्रिया के पहले ही दिन एक अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और दुखद घटना घटी है, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है.
पुलिस बनने का सपना साकार करने के लिए भर्ती प्रक्रिया में शामिल एक युवक की 1600 मीटर दौड़ की परीक्षा सफलतापूर्वक पूरी करने के कुछ ही समय बाद मौत हो गई. मैदान में अपनी मेहनत और दृढ़ संकल्प का प्रदर्शन करते समय, समय ने उस पर हमला किया, जिससे चारों ओर शोक छा गया.
पुणे में रिक्शा चलाकर करता था गुजारा
26 साल के मृत युवक का नाम दीपक भास्कर वाव्हले है और वह बीड़ जिले के परली तालुका के मांडखेल का रहने वाला था. दीपक पुणे में रिक्शा चलाकर अपने परिवार का भरण-पोषण करता था, लेकिन पुलिस बनने का सपना लेकर वह पिछले दो महीने से गांव आकर नियमित रूप से अभ्यास कर रहा था.
बुधवार दोपहर करीब 12.55 बजे दीपक ने जबरदस्त दृढ़ संकल्प, आत्मविश्वास और कड़ी मेहनत से 1600 मीटर दौड़ पूरी की. विशेष रूप से वह इस प्रतियोगिता में पहले स्थान पर आया था, लेकिन जीत का जश्न मनाने से पहले ही दुर्भाग्य से उसके जीवन पर विराम लग गया.
कुछ ही समय में दिल का दौरा पड़ा
दौड़ की परीक्षा पूरी करने के कुछ ही समय बाद दीपक को दिल का दौरा पड़ा. उपस्थित लोगों ने तुरंत उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. इस घटना के कारण पुलिस भर्ती के मैदान में अफरातफरी मच गई और उम्मीदवारों सहित उपस्थित लोगों की आंखों में आंसू आ गए.
मां-बाप का इकलौता बेटा था दीपक
दीपक अपने परिवार का इकलौता बेटा था. उसके पिता गन्ने की कटाई के ट्रैक्टर पर मजदूर के रूप में काम करते हैं, जबकि उसकी मां खेत में काम करके परिवार का भरण-पोषण करती है. दीपक का पुलिस भर्ती के लिए यह पहला प्रयास था. लेकिन दुर्भाग्य से पुलिस बनने का उसका सपना अधूरा रह गया. इकलौते बेटे की असामयिक मृत्यु से माता-पिता पर दुख का पहाड़ टूट पड़ा है और मांडखेल इलाके में शोक छा गया है.














