0 इससे बचें-सभी जांच रिपोर्ट पाजिटिव नहीं आती, अफवाह पर ध्यान न देने की अपील

राजनांदगांव। स्वास्थ्य विभाग द्वारा सर्दी-खांसी, बुखार या कोरोना से संबंधित अन्य लक्षण वाले मरीजों से बिना किसी डर के कोरोना जांच अनिवार्य रूप से करवाने की अपील की जा रही है। कोरोना की जांच करवाने में डरने या घबराने वाली कोई बात नहीं है। यह भी केवल अफवाह ही है कि, कोरोना जांच करवाने वाले प्रत्येक व्यक्ति की रिपोर्ट पॉजिटिव ही आएगी, क्योंकि जिले में अब तक लगभग डेढ़ लाख लोगों की जांच की जा चुकी है, जिसमें बमुश्किल 10 फीसदी यानी लगभग 15, 000 ही पॉजिटिव पाए गए हैं तथा रिकवरी रेट भी लगभग 90 प्रतिशत है। कोरोना संक्रमण काल में जहां अधिकांश लोग कोरोना संक्रमण से ग्रसित होने के बाद इलाज से स्वस्थ हो चुके हैं, वहीं कोरोना संक्रमण के खतरे से जुड़ी कई अफवाह भी कहीं-कहीं सुनने को मिल जाती है। कई लोग यह कहने लगते हैं कि, कोरोना जांच कराने पर रिपोर्ट पॉजिटिव ही आती है, जबकि ऐसा बिल्कुल नहीं है और यह सिर्फ अफवाह है। हालांकि, इस तरह की अफवाहों को दूर कर लोगों में जागरूकता लाने के लिए जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। कोरोना संक्रमण पर नियंत्रण के साथ ही इससे बचाव के लिए भी जिले में हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। वर्तमान में ठंड के मौसम में संक्रमण के खतरे को भांपते हुए स्वास्थ्य विभाग की ओर से एक बार फिर अपील की जा रही है कि, कोरोना के लक्षण दिखने पर 24 घंटे के भीतर जांच अवश्य कराएं। साथ ही मास्क जरूर लगाएं, हाथों को सैनिटाइज कर साफ सुथरा रखें तथा दो गज की दूरी का अनिवार्य रूप से पालन करें। जन जागरुकता के लिए जिले में इस आशय का भी लगातार प्रचार किया जा रहा है कि, कोरोना के लक्षणों में सर्दी, खांसी, बुखार, स्वाद नहीं आना, गंध नहीं आना तथा बार-बार दस्त होना शामिल है। ऐसी स्थिति में घर पर ही कोरोना संक्रमण का पता लगाने के लिए एक पल्स आक्सीमीटर व थर्मामीटर का उपयोग भी किया जा सकता है। पल्स आक्सीमीटर से प्रतिदिन 3 टाइम ऑक्सीजन लेवल की जांच करना चाहिए और यदि संबंधित का आक्सीजन लेवल 95 से कम हो तो तत्काल डॉक्टर की सलाह की सलाह लेनी चाहिए।

इस संबंध में मुख्य चिकित्सा एवं अधिकारी डॉ. मिथलेश चौधरी का कहना है, कोरोना जांच कराने से घबराना नहीं चाहिए, क्योंकि रिपोर्ट भी तभी पॉजिटिव आती है जब मरीज संक्रमित होता है। ऐसी अफवाहों से लोग दूर रहें और कोरोना संक्रमण से बचाव हेतु आवश्यक नियमों का पालन करते हुए एक जिम्मेदार नागरिक की तरह सर्दी-खांसी, बुखार या कोरोना से संबंधित अन्य लक्षण दिखने पर 24 घंटे के भीतर कोरोना टेस्ट जरूर कराएं। इससे संबंधित को त्वरित उपचार की सुविधा देने में सहायता मिलेगी। उन्होंने बताया, राजनांदगांव जिले में अब तक लगभग 1155 लाख कोरोना टेस्ट किए जा चुके हैं, जिसमें 15,725 धनात्मक प्रकरण मिले हैं। इसके लिए जिले भर में लगातार कोरोना जांच की जा रही है।
मास्क पहनने का सही तरीका
कोरोना संक्रमण की रोकथाम तथा इससे बचाव हेतु जन-जागरूकता के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से मॉस्क पहनने तथा सैनेटाइजर के सही तरीकों का भी प्रचार किया जा रहा है। जिसमें लोगों को इस बात के लिए प्रेरित करने का प्रयास किया जा रहा है कि, मॉस्क पहनने पर नाक व मुंह ढककर ही रखें। बार-बार मॉस्क नहीं उतारना नहीं चाहिए। मॉस्क हटाकर बात नहीं करना चाहिए। पान-गुटखा खाने वाले भी बार-बार मॉस्क उतारकर बाहर थूकते रहते हैं जो कि बहुत ही गलत है। सार्वजनिक जगह पर थूकना भी खतरनाक है। इसी तरह समय-समय पर हाथों को सावधानी से सैनेटाइज करना चाहिए, ताकि हाथों में संक्रमण का खतरा न रहे।

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