रायपुर। देश की सम्प्रभुता और सुरक्षा के लिए सरहद पर तैनात सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के जवानों की राष्ट्रसेवा और समर्पण को गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू ने नमन किया है। गृहमंत्री ने शुक्रवार को राजधानी के माना में आयोजित बीएसएफ स्थापना दिवस कार्यक्रम में शामिल हुए। गृहमंत्री साहू ने बीएसएफ के जवानों को उनकी राष्ट्रसेवा, समर्पण के लिए नमन करते हुए कहा कि बीएसएफ को भारतीय क्षेत्रों की रक्षा की पहली दीवार का कहा जाता है। बीएसएफ ने देश को बचाने और प्राकृतिक आपदाओं के दौरान नागरिकों की सहायता करने की अपनी प्रतिबद्धता पर अटूट विश्वास करते हुए खुद को एक बहादुर बल के रूप में प्रतिष्ठित किया है। बीएसएफ पर भारत को गर्व है। छत्तीसगढ़ राज्य में भी नक्सल विरोधी अभियान में बी.एस.एफ. की अहम भूमिका है। कार्यक्रम में अपर मुख्य सचिव गृह सुब्रत साहू, सीमा सुरक्षा बल के एडीजी एस. एल. थाओसन, विशेष पुलिस महानिदेशक आरके विज एवं अशोक जुनेजा सहित बीएसएफ के अधिकारी उपस्थित रहे। उल्लेखनीय है कि भारत-पाकिस्तान और भारत-चीन युद्धों के बाद, बीएसएफ का गठन एक दिसंबर, 1965 को एक एकीकृत केंद्रीय एजेंसी के रूप में किया गया था, ताकि भारत की सीमाएँ और उससे जुड़े मामलों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। यह दुनिया का सबसे बड़ा सीमा सुरक्षा बल है।
सीमा सुरक्षा बल के जवानों की राष्ट्रसेवा और समर्पण को गृहमंत्री ने किया नमन
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