तिरुवनंतपुरम- पिछले सप्ताह कोच्चि के एक अस्पताल में 10 माह के एलिन शेरिन अब्राहम को ब्रेन डेड घोषित किया गया था। इस असहनीय दुख के बीच उसके माता-पिता अरुण अब्राहम और शेरिन एन जॉन ने साहसिक निर्णय लेते हुए बच्चे के अंग दान करने की सहमति दी।
डॉक्टरों और प्रत्यारोपण नेटवर्क की समन्वित कोशिशों से शिशु के अंगों को कोच्चि से तिरुवनंतपुरम के तीन अलग-अलग अस्पतालों तक मात्र 3 घंटे 27 मिनट में पहुंचाया गया। सामान्य परिस्थितियों में यही दूरी तय करने में सात घंटे से अधिक समय लग सकता था। इस तेज और सुनियोजित चिकित्सा प्रयास ने राज्य के अंग प्रत्यारोपण तंत्र की दक्षता को उजागर किया।
अंग प्रत्यारोपण से चार गंभीर रूप से बीमार बच्चों को नया जीवन मिला। इस संवेदनशील पहल की पूरे राज्य में सराहना की जा रही है।
रविवार को पथानामथिट्टा में शिशु का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किया गया। बड़ी संख्या में लोग, जनप्रतिनिधि और मंत्री परिवार को श्रद्धांजलि देने पहुंचे। मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने भी पहुंचकर शोक संवेदना व्यक्त की और घोषणा की कि प्रस्तावित राज्य अंग प्रत्यारोपण इकाई का नाम बच्चे के नाम पर रखा जाएगा।
राजकीय सम्मान पाने वाला यह शिशु राज्य का सबसे कम उम्र का बच्चा बन गया। दुख की इस घड़ी में माता-पिता के इस फैसले ने अंगदान के प्रति जागरूकता और मानवता की मिसाल कायम की है।














