भारत में छोटी-छोटी बातों को लेकर नागरिकों में आत्महत्या करने का रुझान तेजी से बढ़ रहा है। पिछले वर्ष जारी की गई नैशनल क्राइम रिकार्ड ब्यूरो की रिपोर्ट के मुताबिक 2023 में देश में 1,71,148 नागरिकों ने विभिन्न कारणों से आत्महत्या कर ली थी। यह सिलसिला अब भी थम नहीं रहा। पिछले 3 सप्ताह में ही कई लोगों द्वारा आत्महत्या करने के मामले निम्न में दर्ज हैं :
* 29 जनवरी, 2026 को ‘औरंगाबाद’ (बिहार) में 5 नाबालिग लड़कियों ने माता-पिता द्वारा उन्हें लड़कों के साथ घुलने-मिलने से रोकने और डांटने पर कोई विषैली वस्तु खा ली जिससे 4 लड़कियों की मौत हो गई।
* 5 फरवरी को ‘झज्जर शहर’ (हरियाणा) में ‘मुकेश’ नामक युवक ने नौकरी में परेशानी के कारण आत्महत्या कर ली तथा अपने पिता के नाम सुसाइड नोट में लिखा,‘‘पापा मुझे माफ करना, मैं कामयाब नहीं हो पाया।’’
* 5 फरवरी को ही ‘अमृतसर’ (पंजाब) में एक महिला ने मानसिक परेशानी के कारण आत्मदाह कर लिया। महिला के पति की मौत हो चुकी थी और वह आंगनबाड़ी स्कूल में हैल्पर का काम करती थी। उसके दोनों बच्चे दिमागी तौर पर ठीक नहीं थे जिस कारण वह परेशान रहती थी।
* 7 फरवरी को ऋषिकेश (उत्तराखंड) में ‘जौली ग्रांट’ स्थित मैडिकल विश्वविद्यालय में एम.बी.बी.एस. प्रथम वर्ष की छात्रा ने मानसिक परेशानी के चलते होस्टल के कमरे में पंखे से फंदा लगा कर आत्महत्या कर ली।
* 8 फरवरी को ‘भरतपुर’ (राजस्थान) जिले में एक सरकारी स्कूल के होस्टल के हाल में फंदा लगा कर बारहवीं कक्षा के एक छात्र ने आत्महत्या कर ली। छात्र उसी दिन अपने गांव से लौटा था और 13 फरवरी से उसकी परीक्षाएं शुरू होने वाली थीं।
* 9 फरवरी को ‘चम्बा’ (हिमाचल प्रदेश) जिले के ‘काथला’ गांव में पति की प्रताडऩा से तंग आकर ‘कमलेश’ नामक एक महिला ने अपने घर के स्टोर में फंदा लगा कर आत्महत्या कर ली।
* 10 फरवरी को ‘नारायणपेट’ (तेलंगाना) जिले में नगर निकाय का चुनाव लड़ रहे भाजपा प्रत्याशी ‘महादेवप्पा’ ने अपने घर में फंदा लगा कर जान दे दी।
* 13 फरवरी को ‘वडोदरा’ (गुजरात) में एक निजी विश्वविद्यालय के होस्टल में रह रहे इंजीनियरिंग के छात्र ‘जगदीश पटेल’ ने पढ़ाई के दबाव के कारण अपने कमरे में फंदा लगा कर आत्महत्या कर ली।
* 14 फरवरी को ‘कानपुर’ (उत्तर प्रदेश) के ‘रसधान’ गांव में ‘संजीव कुमार’ नामक व्यापारी ने छत के कुंडे से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। शराब पीने का आदी होने के कारण उसका अपने परिवार वालों से झगड़ा रहता था।
* 14 फरवरी को ही आई.आई.टी. (कानपुर) की अंजू कुमारी नामक जूनियर टैक्नीशियन ने काम के बोझ के कारण फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली।
* 14 फरवरी को ही ‘मुजफ्फरनगर’ (उत्तर प्रदेश) में पति द्वारा नया मोबाइल न लेकर देने से नाराज युवती ‘राधिका’ ने फंदा लगा लिया।
* 15 फरवरी को ‘ममदोट’ (पंजाब) में एक व्यक्ति के साथ लिव इन में रहने वाली 2 बच्चों की मां ने उसके लिव इन पार्टनर द्वारा ताने देने के कारण फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली।
* 15 फरवरी को ही ‘जीरा’ (पंजाब) में एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी के अवैध संबंधों से तंग आकर आत्महत्या कर ली।
विभिन्न सामाजिक और आर्थिक कारणों के चलते जीवन लीला समाप्त करना चिंता का विषय है। इससे जहां एक तरफ परिवार बिखर रहे हैं वहीं दूसरी तरफ अर्थव्यवस्था में योगदान करने की क्षमता रखने वालों का असमय मृत्यु का शिकार होना देश के लिए भी अच्छा नहीं है।
इस पर काबू पाने के लिए स्कूली स्तर पर ही बच्चों को जीवन में आने वाली चुनौतियों का सामना करने के लिए मानसिक तौर पर तैयार करने के अलावा अभिभावकों को घर का माहौल खुशनुमा रखने और सामाजिक तथा सरकारी स्तर पर भी नागरिकों को मानसिक तौर पर मजबूत करने के प्रयास होने चाहिएं ताकि इस तरह की घटनाओं पर लगाम लग सके।














