राजस्थान के जालोर जिले के बिशनगढ़ थाना क्षेत्र के ऐलाना गांव में दर्ज दो हत्याकांडों का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है. पुलिस जांच में सामने आया कि पहले मामले में हादसे को छुपाने के लिए शव ठिकाने लगाया गया. जबकि दूसरे मामले में आरोपी ने अपने ही सगे भाई की हत्या कर वारदात को दूसरा रंग देने की कोशिश की.
पुलिस अधीक्षक शैलेन्द्र सिंह इंदोलिया के निर्देशानुसार गंभीर प्रकरणों के त्वरित खुलासे के लिए चलाए जा रहे. अभियान के तहत अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मोटाराम गोदारा व वृताधिकारी गौतम जैन के सुपरविजन में थानाधिकारी मनोज कुमार के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई. टीम ने प्रकरण संख्या 01/26 और 22/26 की गहन जांच करते हुए दोनों मामलों का खुलासा किया.
क्या है पूरा मामला
पहले प्रकरण में 1 जनवरी 2026 को खेकाराम भील ने रिपोर्ट दी कि उसका पुत्र बुटाराम 21 दिसंबर 2025 से लापता था. जिसका शव 28 दिसंबर को तेलवाड़ा सरहद में मिला. परिजनों ने मांगीलाल और उसके भाई तेजाराम पर हत्या का संदेह जताया था. मामला धारा 103(1) बीएनएस व एससी/एसटी एक्ट में दर्ज किया गया. दूसरे प्रकरण में 27 जनवरी 2026 को तेजाराम चौधरी का शव जुगराज जैन के बेरे पर मिला. जिसके शरीर पर गंभीर चोटों के निशान थे. तेजाराम के पुत्र ने बुटाराम के परिजनों पर शक जताते हुए मामला दर्ज कराया.
करंट की चपेट में आने से बुटाराम की हुई थी मौत
जांच के दौरान पुलिस ने गोपनीय साक्ष्य जुटाए, सीडीआर व बीटीएस का विश्लेषण किया. पूछताछ में मांगीलाल चौधरी ने खुलासा किया कि खेत में फसल की सुरक्षा के लिए लगाए गए करंट वाले तार की चपेट में आने से बुटाराम की मौत हो गई थी. सबूत मिटाने के लिए उसने और उसके भाई तेजाराम ने शव को तेलवाड़ा के जंगल में फेंक दिया. बाद में शक और नार्को टेस्ट के डर से मांगीलाल ने 26 जनवरी को उल्टी कुल्हाड़ी से वार कर अपने भाई तेजाराम की हत्या कर दी और आरोप बुटाराम के परिजनों पर मढ़ दिया.
पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार
पुलिस ने आरोपी मांगीलाल पुत्र सुरताराम चौधरी (45) निवासी ऐलाना को गिरफ्तार कर लिया है. उल्लेखनीय है कि आरोपी पूर्व में अपने सगे साले की हत्या के मामले में पांच वर्ष की सजा काट चुका है. पुलिस मामले में आरोपी से पूछताछ और आगे की जांच कर रही है.














