चेन्नई : एक्टर विजय जब अपनी पार्टी टीवीके पार्टी के पीले झंडे और सीटी चुनाव चिन्ह से साथ रैली करते हैं तो वहां युवाओं-महिलाओं की भीड़ उमड़ जाती है। जनता का उत्साह देखकर ऐसा लगता है कि एमजीआर और जयललिता के बाद तमिलनाडु में स्टार राजनेता का करिश्मा होने वाला है। मगर पहले चुनाव में उनका मुकाबला मुफ्त की राजनीति में माहिर डीएमके और AIADMK से है। इस चुनाव के ऐलान से पहले स्टालिन ने सरकारी स्कीमों के जरिये महिलाओं के बैंक अकाउंट में नकद पैसे भेज दिए हैं। साथ ही हर महीने 2000 रुपये का वादा किया है। इसके अलावा 20 लाख छात्रों को लैपटॉप भी बांटने की तैयारी है। AIADMK ने भी चुनावी वादों में मुफ्त और कैश को शामिल कर लिया है।
डीएमके ने अभी तक बांट दिए अरबों रुपये
मुफ्त का माल बांटना और अकाउंट में कैश देना चुनाव जीतने का आजमाया हुआ फॉर्मूला बन चुका है। बिहार, झारखंड के चुनावों में महिलाओं और युवाओं के खाते में डाली गई नकद राशि ने कमाल दिखाया था। तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के ऐलान से पहले डीएमके नेता स्टालिन ने भी सरकारी योजनाओं के माध्यम से खजाने का मुंह खोल दिया। जनवरी में डीएमके सरकार ने लगभग 2.22 करोड़ चावल राशन कार्ड होल्डर्स को 3,000 रुपये और पोंगल गिफ्ट बास्केट बांट दिए। फिर उलगाम उंगल कायिल स्कीम के जरिये सरकारी कॉलेज के 20 लाख स्टूडेंट्स को लैपटॉप देने का प्रक्रिया शुरू कर दी। इसके अलावा 1.31 करोड़ महिला बेनिफिशियरी को 5,000 रुपये जमा किए गए। साथ ही, सीएम स्टालिन ने वादा किया कि डीएमके सत्ता में लौटी में महिलाओं को मिलने वाले 1000 रुपये की राशि दोगुनी यानी 2000 रुपये की जाएगी। नकद राशि और लैपटॉप के जरिये उन्होंने एक्टर विजय के फैन बेस महिला और युवाओं को टारगेट किया है।
मुफ्त के वादे के बगैर फेल हुए हैं कई सुपरस्टार
डीएमके सरकार के कैश वितरण से निपटने के लिए AIADMK ने भी युवाओं को लैपटॉप और महिलाओं को दो हजार रुपये देने का वादा किया है। एक्टर विजयने भी महिलाओं को दो हजार रुपये हर महीने देने की बात कही है। इसके अलावा अभी तक उन्होंने मुफ्त जैसी अन्य योजनाओं का खुलासा नहीं किया है। तमिलनाडु की राजनीति में मुफ्त की योजनाओं का बड़ा रोल रहा है और सरकारें बदलती रहीं हैं। रिपोर्टस के अनुसार, तमिलनाडु के वोटर स्टारडम को पसंद तो करते हैं, मगर मुफ्त लैपटॉप और कैश स्कीम भी उनके लिए मायने रखती है। हमें यह याद रखना होगा कि जयललिता और एम जी रामचंद्रन को अपवाद मान लें तो कई बड़े स्टार जैसे कमल हासन, एक्टर शिवाजी गणेशन, विजयकांत, सरथ कुमार और सुपरस्टार रजनीकांत राजनीति में खास कमाल नहीं कर पाए।














