अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ‘स्टेट ऑफ द यूनियन’ एड्रेस में अपनी पीठ थपथपाते हुए कई चौंकाने वाले दावे किए हैं. ट्रंप का कहना है कि उन्होंने अपने शुरुआती 10 महीनों में ही 8 युद्धों को खत्म करवा दिया है. इसमें उन्होंने कंबोडिया-थाईलैंड और भारत-पाकिस्तान के बीच छिड़ी जंग का भी जिक्र किया. ट्रंप ने दावा किया कि अगर वे बीच में नहीं आते, तो भारत और पाकिस्तान के बीच ‘न्यूक्लियर वॉर’ (परमाणु युद्ध) हो जाता.

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री की जान जा सकती थी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी स्पीच में एक ऐसा खुलासा किया जिसने सबको चौंका दिया. ट्रंप ने दावा किया कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने खुद उनसे कहा था कि अगर अमेरिका इस विवाद में दखल नहीं देता, तो भीषण तबाही मच जाती. ट्रंप के मुताबिक, शहबाज शरीफ का मानना था कि अगर अमेरिकी हस्तक्षेप नहीं होता, तो भारत-पाकिस्तान की इस जंग में करीब 3.5 करोड़ लोग मारे जाते. अपनी उपलब्धियां गिनाते हुए ट्रंप ने आगे कहा कि अगर वे बीच-बचाव नहीं करते, तो दक्षिण एशिया में एटमी हमला तय था और खुद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री की जान जा सकती थी.

हालांकि, भारत ने ट्रंप के इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया है. भारतीय पक्ष का कहना है कि अमेरिका का इसमें कोई रोल नहीं था. भारत के मुताबिक, पाकिस्तान के ‘डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशंस’ (DGMO) ने खुद जंग रोकने की गुजारिश की थी.

क्या था ‘ऑपरेशन सिंदूर’ और क्यों भड़का था विवाद?

पूरे मामले की शुरुआत पिछले साल पहलगाम में हुए आतंकी हमले से हुई थी, जिसमें 26 मासूम नागरिक मारे गए थे. इसके जवाब में भारत ने 7 मई 2025 को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया.

  • भारत का एक्शन: सेना, वायुसेना और नौसेना ने मिलकर काम किया. IAF ने पाकिस्तान के नूर खान और रहीमयार खान एयरबेस पर सटीक हमले किए.
  • पाकिस्तान का पलटवार: जवाब में पाकिस्तान ने ड्रोन और UCAV से भारत के एयरबेस को निशाना बनाने की कोशिश की, जिसे भारत के डिफेंस सिस्टम ने नाकाम कर दिया.

ईरान को चेतावनी: ‘मिडनाइट हैमर’ से तबाह किया परमाणु प्रोग्राम

ट्रंप ने ईरान को लेकर भी सख्त तेवर दिखाए. उन्होंने कहा कि अमेरिकी हमलों (ऑपरेशन मिडनाइट हैमर) ने ईरान के परमाणु हथियार कार्यक्रम को पूरी तरह बर्बाद कर दिया है. यह हमला पिछले साल इजरायल और ईरान के बीच चले 12 दिनों के युद्ध के दौरान हुआ था. ट्रंप ने साफ कहा कि वह ईरान को कभी भी परमाणु हथियार नहीं बनाने देंगे, क्योंकि वह आतंकवाद का सबसे बड़ा समर्थक है.

ईरान का पक्ष- हम नहीं बना रहे बम

दूसरी तरफ, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने इन दावों को गलत बताया है. उन्होंने सोशल मीडिया (एक्स) पर कहा कि ईरान किसी भी कीमत पर परमाणु हथियार नहीं बनाएगा. ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने भी संकेत दिए हैं कि बातचीत से समाधान निकल सकता है, लेकिन वे हर स्थिति के लिए तैयार हैं. ट्रंप के दूत स्टीव विटकॉफ ने चेतावनी दी है कि ईरान परमाणु बम बनाने के बहुत करीब (करीब एक हफ्ते की दूरी पर) पहुंच चुका है.

रूस-यूक्रेन और ‘पीस थ्रू स्ट्रेंथ’ का नया फॉर्मूला

ट्रंप ने कहा कि वे रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे कत्लेआम को रोकने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं. उन्होंने दावा किया कि अगर वे राष्ट्रपति होते, तो यह जंग कभी शुरू ही नहीं होती. इसी के साथ उन्होंने अपनी नई विदेश नीति पीस थ्रू स्ट्रेंथ (ताकत के जरिए शांति) को दुनिया के सामने रखा. इसका मतलब है कि अमेरिका अपनी सैन्य ताकत इतनी बढ़ा लेगा कि दुश्मन डरें और बातचीत की मेज पर आएं.

Advertisement Carousel
Share.

Comments are closed.

chhattisgarhrajya.com

ADDRESS : GAYTRI NAGAR, NEAR ASHIRWAD HOSPITAL, DANGANIYA, RAIPUR (CG)
 
MOBILE : +91-9826237000
EMAIL : info@chhattisgarhrajya.com
September 2026
M T W T F S S
 123456
78910111213
14151617181920
21222324252627
282930