भारतीय परंपरा में तुलसी को सिर्फ एक पौधा नहीं, बल्कि मां का दर्जा दिया गया है। इसके पीछे धार्मिक आस्था तो है ही, लेकिन इसका सबसे बड़ा कारण इसके औषधीय गुण हैं। आयुर्वेद में तुलसी को जीवन का अमृत कहा गया है। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में जहां हम छोटी-छोटी बीमारियों के लिए एंटीबायोटिक्स और पेनकिलर्स का सहारा लेते हैं, वहीं तुलसी का पानी एक ऐसा रामबाण है जो बिना किसी साइड इफेक्ट के हमें अंदर से मजबूत बनाता है।
अगर आप रोज सुबह उठकर चाय या कॉफी की जगह तुलसी का पानी पीना शुरू करते हैं, तो यह आपकी बॉडी के लिए एक ‘डिटॉक्स ड्रिंक’ की तरह काम करेगा। आइए विस्तार से जानते हैं कि यह जादुई पानी किन गंभीर समस्याओं में रामबाण है और इसे बनाने का सही तरीका क्या है।

इन बड़ी बीमारियों में है ‘रामबाण’ इलाज

मानसिक तनाव और एंग्जायटी
आजकल हर दूसरा व्यक्ति तनाव या एंग्जायटी का शिकार है। तुलसी एक शक्तिशाली एडैप्टोजेन है। यह शरीर को मानसिक और शारीरिक तनाव के अनुकूल बनाने में मदद करती है। जब हम तुलसी का पानी पीते हैं, तो यह शरीर में कोर्टिसोल हार्मोन के स्तर को कम करता है, जिसे स्ट्रेस हार्मोन भी कहा जाता है। इसे नियमित पीने से दिमाग शांत रहता है, नींद अच्छी आती है और आप दिनभर अच्छा महसूस करते हैं।

पाचन तंत्र और स्लो मेटाबॉलिज्म में मदद
अगर आपका पेट साफ नहीं रहता या आपको अक्सर गैस, एसिडिटी और कब्ज की शिकायत रहती है, तो तुलसी का पानी आपके लिए रामबाण है। यह लीवर को डिटॉक्स करता है और पाचन रसों के स्राव को बढ़ाता है। सुबह खाली पेट इसे पीने से शरीर का मेटाबॉलिज्म तेज होता है, जिससे न केवल खाना जल्दी पचता है, बल्कि वजन कम करने में भी मदद मिलती है। यह पेट के अल्सर और इन्फेक्शन को रोकने में भी मदद करता है।

स्किन इन्फेक्शन को ठीक करता है
महंगे ब्यूटी प्रोडक्ट्स जो काम नहीं कर पाते, वो तुलसी का पानी कर देता है। तुलसी में एंटी-बैक्टीरियल, एंटी-फंगल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं। यह खून को प्राकृतिक रूप से साफ करता है। जब खून से अशुद्धियां बाहर निकल जाती हैं, तो चेहरे पर होने वाले दाग-धब्बे अपने आप कम होने लगती हैं। यह त्वचा को अंदर से हाइड्रेट करता है, जिससे चेहरे पर नेचुरल ग्लो आता है।

तुलसी का पानी बनाने का तरीका

  • सबसे पहले 6 से 8 ताजी पत्तियां लें। आप रामा तुलसी (हल्की हरी) और कृष्णा तुलसी (बैंगनी/काली) दोनों का मिश्रण ले सकते हैं। कृष्णा तुलसी ज्यादा असरदार मानी जाती है।
  • पत्तियों को ठंडे पानी में अच्छी तरह धो लें ताकि उन पर जमी धूल या प्रदूषण के कण निकल जाएं।
  • एक बर्तन में एक गिलास पानी उबालें। जब पानी उबलने लगे तो गैस बंद कर दें। अब इसमें धुली हुई पत्तियां डालें और बर्तन को ढक्कन से ढंक दें।
  • इसे 7 से 10 मिनट तक ढका रहने दें ताकि तुलसी के एसेंशियल ऑयल्स पानी में अच्छे से मिल जाएं।

अब इसे छान लें और हल्का गुनगुना रहने पर घूंट-घूंट करके पिएं। स्वाद के लिए आप इसमें आधा चम्मच शहद या नींबू का रस मिला सकते हैं।

सावधानियां जो आपको जाननी चाहिए

तुलसी जितनी फायदेमंद है, उसे इस्तेमाल करने का तरीका उतना ही खास है। आयुर्वेद के अनुसार, तुलसी की पत्तियों को कभी भी दांतों से चबाना नहीं चाहिए। इसका कारण यह है कि तुलसी में पारा और कुछ मात्रा में आयरन होता है। अगर आप इसे चबाते हैं, तो यह आपके दांतों के इनेमल को खराब कर सकता है और दांतों में कालापन ला सकता है। इसलिए तुलसी को हमेशा पानी के रूप में पिएं या सीधे निगल लें।

(इस खबर में दी गई औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, सामान्य जानकारियों पर आधारित है, इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें.)

Advertisement Carousel
Share.

Comments are closed.

chhattisgarhrajya.com

ADDRESS : GAYTRI NAGAR, NEAR ASHIRWAD HOSPITAL, DANGANIYA, RAIPUR (CG)
 
MOBILE : +91-9826237000
EMAIL : info@chhattisgarhrajya.com
February 2026
M T W T F S S
 1
2345678
9101112131415
16171819202122
232425262728