अमरावती: महाराष्ट्र के अमरावती से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. यहां महज चिकन खाने को लेकर हुए मामूली विवाद में एक 21 वर्षीय युवक ने अपने ही 12 साल के ममेरे भाई की हत्या कर दी. चौंकाने वाली बात यह है कि अपराध को छुपाने के लिए परिवार ने इसे दुर्घटना का रूप देने की कोशिश की, लेकिन पुलिस की नजरों से बच नहीं सके. मामला जिले के भातकुली तालुका का है.
चिकन बना मौत का कारण
मृतक की पहचान 12 वर्षीय जितेराजा गौड के रूप में हुई है, जबकि आरोपी उसका ममेरा भाई बब्बू गौड (21 वर्ष) है. जानकारी के मुताबिक, दोनों के बीच चिकन खाने को लेकर विवाद शुरू हुआ था. गुस्साए बब्बू ने आपा खो दिया और घर के अंदर ही जितेराजा पर लोहे की किसी भारी वस्तु से ताबड़तोड़ हमला कर दिया. सिर पर गंभीर चोट लगने के कारण बच्चे की मौके पर ही मौत हो गई.
हादसे की रची गई झूठी कहानी
वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी और परिवार ने कानून को गुमराह करने की साजिश रची. मृतक के पिता ने पुलिस को सूचना दी कि उनके बेटे के साथ कोई दुर्घटना (हादसा) हुई है और इसी आधार पर झूठी शिकायत दर्ज कराई. वे चाहते थे कि यह मामला हत्या के बजाय एक एक्सीडेंट मानकर बंद कर दिया जाए.
पुलिस जांच में खुला हत्या का राज
भातकुली पुलिस को मामले की शुरुआती जांच में ही संदेह हो गया था. जब पुलिस ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और गहन पूछताछ शुरू की, तो परिवार की गढ़ी हुई कहानी ताश के पत्तों की तरह ढह गई. पुलिस को शरीर पर मौजूद निशानों और परिस्थितियों में मेल नहीं मिला. सख्ती से पूछताछ के बाद आरोपी बब्बू गौड ने अपना जुर्म कबूल कर लिया. वहीं, सबूत मिटाने और पुलिस को गुमराह करने के लिए मृतक के पिता को भी आरोपी बनाया है. बताया जा रहा है कि मृतक और आरोपी दोनों मूल रूप से मध्यप्रदेश के रहने वाले हैं. वे काम के सिलसिले में अमरावती जिले के भातकुली में आकर रह रहे थे.














