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Holi 2026: 4 फरवरी 2026 को होली का पावन त्योहार देशभर में मनाया जाएगा. यह पर्व केवल रंगों का नहीं है  बल्कि एक साथ मिलकर दोस्तों और परिवार के साथ खुशियां बांटने का है. होली की शुरूआत को लेकर कई प्रचलित कथाएं है, जिनमें से एक राक्षसी ढुंडी की काथ है. इस आर्टिकल में हम जानेगे की कैसे एक अत्याचारी राक्षसी के अंत  इस रंगों के इस पावन त्योहार की शुरूआत की वजह बनी. 

पौराणिक कथा

राक्षसी ढुंडी और भगवान शिव का वरदान

पौराणिक कथा के अनुसार, बहुत समय पहले रघुवंश के राजा रघु के राज्य में ढुंडी नाम की एक राक्षसी रहा करती थी. उसने महादेव की कठोर तपस्या की, जिससे प्रसन्न होकर भगवान शिव राक्षसी के सामने प्रकट हुए. महादेव ने ढुंडी से वरदान मांगने को कहा था. तब ढुंडी ने वरदान मांगा कि उसे देवता, दैत्य या किसी भी शस्त्र से कोई मार न सके. ढुंडी को अपनी शक्तियों का बहुत अहंकार था, इसलिए उसने बच्चों और पागलों से सुरक्षा का वरदान नहीं मांगा. भगवान शिव ने “तथास्तु” कहकर उसे वरदान दे दिया.

वरदान के बाद बढ़ा ढुंडी का आतंक 

वरदान मिलते ही ढुंडी का आतंक और अहंकार और अधिक बढ़ गया. वह गांव-गांव जाकर लोगों को डराने और अत्याचार करने लगी. भयभीत प्रजा ने राजा रघु से मदद की गुहार लगाई. तब राजा महर्षि वशिष्ठ के पास पहुंचे और उन्हें अपनी समस्या बताकर समाधान मांगा. वशिष्ठ मुनि ने बताया कि ढुंडी का अंत किसी हथियार से नहीं, बल्कि बच्चों के शोर-गुल और उल्लास से होगा.

ऋषि की सलाह 

ऋषि की सलाह मानते हुए फाल्गुन पूर्णिमा के दिन पूरे राज्य के बच्चों को एक जगह इकट्ठा किया गया. गोबर के कंडों, सूखी लकड़ियों और पत्तों का बड़ा ढेर बनाया गया. बच्चे उसके चारों ओर नाचने-गाने लगे और जोर-जोर से शोर मचाने लगे, जिसे सुनकर राक्षसी ढुंडी वहां पहुंची.

बच्चों का शोर बना राक्षसी के अंत का कारण

कहा जाता है कि बच्चों की भीड़ और शोर से घबराकर ढुंडी उसी ढेर में छिप गई. तभी उस ढेर में अग्नि प्रज्वलित कर दी गई, जिससे राक्षसी जलकर वहीं भस्म हो गई. इस तरह राज्य को उसके आतंक से मुक्ति मिली. अगले दिन लोगों ने राख उड़ाकर खुशी मनाई, जो आगे चलकर रंगों के त्योहार होली के रूप में प्रसिद्ध हो गया. होलिका दहन के दौरान बनाई जाने वाली गोबर के कंडों की माला, जिसे “ढुंढेरी” या “गुलरिया” कहा जाता है, इसी घटना की याद दिलाती है.

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है.)

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