ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई के मारे जाने के बाद भारत में जगह-जगह हो रहे प्रदर्शन पर विश्व हिंदू परिषद ने तीखी प्रतिक्रिया जताई है. संगठन ने सवाल उठाए कि खामेनेई का भारत से क्या लेना है, जो यहां पर प्रदर्शन कर देश का माहौल खराब करने की कोशिश की जा रही है.
विश्व हिंदू परिषद ने खामेनेई को लेकर हो रहे प्रदर्शन की कड़ी निंदा और आलोचना की है. परिषद के राष्ट्रीय प्रवक्ता अमितोष परीक ने इस मामले में सरकार से प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई किए जाने की मांग की है. साथ ही प्रदर्शनकारियों की नागरिकता खत्म किए जाने की मांग की है.
प्रदर्शनकारियों के खिलाफ केस दर्ज करने की मांग
विश्व हिंदू परिषद ने देश का माहौल खराब करने को लेकर सुसंगत धाराओं में क्रिमिनल केस दर्ज किए जाने की भी मांग की है. संगठन के नेताओं ने कहा है कि इस तरह के प्रदर्शन देश विरोधी हैं और इन मामलों में कड़ी कार्रवाई होनी ही चाहिए.
विश्व हिंदू परिषद के प्रवक्ता अमितोष परीक के मुताबिक दुनिया भर में कहीं कुछ होता है तो भारत के मुसलमान सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करने लगते हैं. उन मामलों में माहौल खराब कर कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने की कोशिश की जाती है, जिनका भारत से कोई लेना-देना नहीं होता.
कट्टरवादी लोग देश के बारे में नहीं सोचते
संगठन के प्रवक्ता ने कहा कि यह सिर्फ और सिर्फ कट्टरवाद के नाते किया जाता है. कट्टरवादी लोग भारत देश के बारे में नहीं सोचते हैं और दुनिया के दूसरे मुल्कों के हालात को लेकर अपनी नाराजगी जताते हैं. यह वही लोग हैं जो कभी अफजल गुरु का समर्थन करते हैं तो कभी खामेनेई का सपोर्ट करते हैं.
उन्होंने कहा कि खामेनेई जब ईरान में लोगों को फांसी पर चढ़ा रहा था, महिलाओं पर अत्याचार कर रहा था, तब यहां के किसी मुसलमान ने सड़कों पर उतरकर विरोध नहीं किया. साथ ही इंसानियत के खिलाफ हो रहे कामों के विरोध में कभी आवाज नहीं उठाई गई.
‘वह कतई सही नहीं था’
प्रवक्ता ने कहा कि लखनऊ से लेकर जयपुर और कश्मीर से लेकर महाराष्ट्र तक जो विरोध प्रदर्शन किया गया, वह कतई सही नहीं था. आने वाले दिनों में फिर से यह प्रदर्शन ना हो और देश का माहौल खराब ना हो इसके लिए कड़े कदम उठाए जाने जरूरी हैं.
सरकार को ऐसे प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए. जो लोग आम मुसलमानों को भड़काकर उन्हें सड़क पर उतार रहे थे, उनकी नागरिकता खत्म कर देनी चाहिए. उन्होंने कहा कि सख्त संदेश दिए बिना बार-बार प्रदर्शन कर देश का माहौल खराब करने कि यह घटनाएं रुकने वाली नहीं है.
प्रवक्ता अमितोष परीक का साफ तौर पर कहना है कि ऐसे कट्टरवाद को अब कतई बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए और सख्त कार्रवाई कर इस पर हमेशा के लिए अंकुश लगा देना चाहिए.














