अहमदाबाद: गुजरात में नगर निगम चुनावों में विलंब होने पर राज्य सरकार ने सभी बड़ी म्युनिसिपल कॉपरपोरेशन के लिए प्रशासकों की नियुक्ति कर दी है। गुजरात के अहमदाबाद, सूरत, वडोदरा, राजकोट, भावनगर और जामनगर महानगरपालिकाओं की मौजूदा बॉडी का कार्यकाल 9 मार्च को पूरा हो रहा है। अभी तक नए चुनाव नहीं हो पाए हैं। ऐसे में सरकार ने सीनियर अईएएस अधिकाररियों को प्रशासक के तौर नियुक्त किया है। जो अगली बॉडी के चुने जाने तक निगमों के कामकाज को देखेंगे। सूत्रों के अनुसार गुजरात में नगर निगम के चुनाव अप्रैल-मई में हो सकती है। मार्च के आखिर तक स्थिति साफ हो जाएगी। इन चुनावों के अगले साले होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए सेमीफाइनल माना जा रहा है।
किसे कहां की जिम्मेदारी?
- अहमदाबाद-मुकेश कुमार, एडिशनल चीफ सेक्रेटरी
- वडोदरा-शालिनी अग्रवाल, MD GUVNL
- सूरत-मिलिंद तोरवाने, एजुकेशन सेक्रेटरी
- भावनगर-हर्षद पटेल, सोशल जस्टिस एंड एम्पावरमेंट सेक्रेटरी
- जामनगर-आरती कंवर, चीफ स्टेट टैक्स कमिश्नर
- राजकोट-रम्या मोहन, म्युनिसिपैलिटी कमिश्नर
9-11 के बीच पूरा हो रहा कार्यकाल
राज्य की अलग-अलग नगर पालिकाओं का टर्म 11 मार्च तक पूरा हो जाएगा। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल सरकार ने इससे पहले ही इन निगमों में वरिष्ठ अधिकारियों की नियुक्ति कर दी है। प्रशासक नगर निगम के कामकाज को कमिश्नरों के संयोजन से संभालेंगे। अहमदाबाद में वंछानिधि पाणी, वडोदरा में अरुण महेश बाबू, सूरत में एम नागराजन, भावनगर में एन के मीना, जामनगर में डीएन मोदी, राजकोट में तुषार सुमेरा कमिश्नर हैं। सूरत में आम आदमी पार्टी विपक्ष में है। 2021 में सूरत से आम आदमी पार्टी (आप) ने गुजरात में प्रवेश किया था। इसके बाद 2022 के गुजरात विधानसभा चुनावों में 14 फीसदी वोट अर्जित करते हुए पांच सीटें जीती थीं। इसके बाद आप राष्ट्रीय पार्टी बन गई थी। ऐसे में आने वाले चुनावों को बेहद अहम माना जा रहा है।














