अहमदाबाद : गुजरात के आनंद में रहने वाली दो बहनों को थाइलैंड के लाओस से ऑपरेशन माहीसागर 2.0 के बाद बचा लिया गया है। दोनों बहनों को नौकरी का झांसा देकर थाईलैंड बुलाया गया था। लाओस पहुंचने पर उन्हें पता चला कि दोनों मानव तस्करी का शिकार हो गई हैं। उनके परिवारवालों ने आनंद के सांसद मितेश पटेल से मदद मांगी। दोनों बहनों को बचाने के लिए इंटरनेशनल रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। करीब 20 दिन बाद भारतीय दूतावास और लाओस की आर्मी ने बहनों को तस्करों के चंगुल से मु्क्त करा लिया।
तस्करी नेटवर्क में फंसीं बहनें
सांसद मितेश पटेल ने बताया कि दोनों बहनों को थाईलैंड में नौकरी दिलाने के बहाने गैर-कानूनी तरीके से लाओस ले जाया गया। लाओस पहुंचने पर इंटरनेशनल मानव तस्करी नेटवर्क के चंगुल में फंस गईं। उनका परिवार से उनका संपर्क टूट गया। जब परिवार बहुत परेशान हो गया और सारे रास्ते बंद हो गए, तो उन्होंने मदद के लिए संपर्क किया। इसके बाद ऑपरेशन माहीसागर 2.0 शुरू किया गया।
सूचना पर लाओस सेना ने मारा छापा
सांसद ने तुरंत विदेश मंत्रालय और लाओस में भारतीय दूतावास से संपर्क किया। दूतावास के अधिकारियों ने लाओस की स्थानीय सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर बहनों की लोकेशन का पता लगाया। पक्की जानकारी मिलने पर कूटनीतिक कोशिशों के बाद, लाओस की सेना ने उस जगह छापा मारा जहां महिलाओं को बंधक बनाकर रखा गया था। लाओस की सेना और भारतीय दूतावास के संयुक्त ऑपरेशन के जरिए इन बहनों को तस्करों से बचाया गया।
जल्द होगी बहनों की गुजरात वापसी
मितेश पटेल ने बताया कि आनंद की दोनों बेटियां अब पूरी तरह सुरक्षित हैं और जल्द ही घर लौटेंगी। कानूनी औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। बता दें कि गुजरात के कई लोग पहले भी विदेशों में फंस चुके हैं। इससे पहले अज़रबैजान में फंसे युवाओं की मदद के लिए ऑपरेशन माहीसागर चलाया गया था। आणंद के सांसद मितेश पटेल को बकाभाई के नाम से भी जाना जाता है। वे दूसरी बार सांसद बने हैं। वे पेशे व्यसायी हैं। 2019 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने लगभग 1,97,718 मतों के रिकॉर्ड अंतर से जीत हासिल की थी, जो आणंद निर्वाचन क्षेत्र के इतिहास में अब तक की सबसे बड़ी जीत मानी जाती है।



















