भारत में गैस, एसिडिटी या पेट में जलन होना बहुत आम समस्या है। अक्सर लोग हल्की सी जलन या अपच होने पर तुरंत एंटासिड की गोली या सिरप ले लेते हैं। कई घरों में तो यह दवा बिना सोचे-समझे इस्तेमाल की जाती है। लेकिन डॉक्टरों का कहना है कि यह आदत लंबे समय में सेहत के लिए खतरनाक साबित हो सकती है।
हैदराबाद के एक न्यूरोलॉजिस्ट के मुताबिक, बिना जरूरत लंबे समय तक एंटासिड लेना एक तरह का साइलेंट हेल्थ क्राइसिस बनता जा रहा है। भारत में एंटासिड आसानी से मेडिकल स्टोर पर मिल जाते हैं और इन्हें लेने के लिए डॉक्टर की पर्ची भी जरूरी नहीं होती। यही वजह है कि लोग इनका ज्यादा इस्तेमाल करने लगते हैं।
PPI दवाएं क्या होती हैं?
एंटासिड में अक्सर प्रोटॉन पंप इनहिबिटर (PPI) नाम की दवाएं होती हैं। ये दवाएं पेट में बनने वाले एसिड को कम करती हैं और एसिडिटी से राहत देती हैं। डॉक्टर आमतौर पर इन्हें पेट के अल्सर या गंभीर एसिड रिफ्लक्स (GERD) जैसी समस्याओं में 4 से 8 हफ्तों के लिए देते हैं। लेकिन समस्या तब होती है जब लोग इन्हें महीनों या सालों तक बिना डॉक्टर की सलाह के लेते रहते हैं।
किडनी को हो सकता है नुकसान
डॉक्टरों के अनुसार लंबे समय तक PPI दवाओं का इस्तेमाल किडनी पर बुरा असर डाल सकता है। कई रिसर्च में यह पाया गया है कि इन दवाओं का लगातार इस्तेमाल करने से क्रॉनिक किडनी डिजीज (CKD) का खतरा बढ़ सकता है।
शरीर में पोषक तत्वों की कमी
पेट में बनने वाला एसिड सिर्फ खाना पचाने के लिए ही नहीं होता, बल्कि यह शरीर को जरूरी पोषक तत्वों को अवशोषित करने में भी मदद करता है। लेकिन PPI दवाएं इस एसिड को कम कर देती हैं, जिससे कई जरूरी पोषक तत्व शरीर में ठीक से नहीं पहुंच पाते।
इससे शरीर में इन चीजों की कमी हो सकती है:
मैग्नीशियम और कैल्शियम- जिससे हड्डियां कमजोर हो सकती हैं
विटामिन B12- जो दिमाग और नसों के लिए जरूरी होता है
आयरन – जिसकी कमी से थकान और एनीमिया हो सकता है
दिमाग और आंत के कनेक्शन पर असर
डॉक्टरों का कहना है कि आंत और दिमाग के बीच एक खास संबंध होता है, जिसे “गट-ब्रेन कनेक्शन” कहा जाता है। लंबे समय तक PPI लेने से आंत में मौजूद अच्छे बैक्टीरिया का संतुलन बिगड़ सकता है और विटामिन B12 की कमी भी हो सकती है। इससे याददाश्त और दिमागी सेहत पर असर पड़ सकता है।
इन्फेक्शन का खतरा भी बढ़ सकता है
पेट का एसिड शरीर के लिए एक तरह की सुरक्षा भी देता है, क्योंकि यह खाने के साथ आने वाले कई हानिकारक बैक्टीरिया को खत्म कर देता है। लेकिन जब PPI दवाओं से एसिड कम हो जाता है, तो शरीर में इन्फेक्शन का खतरा बढ़ सकता है। इससे गंभीर दस्त, निमोनिया और आंतों में बैक्टीरिया की ज्यादा वृद्धि जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
क्या करें?
डॉक्टरों की सलाह है कि अगर कोई व्यक्ति 8 हफ्ते से ज्यादा समय से एंटासिड या PPI दवाएं ले रहा है, तो उसे डॉक्टर से जरूर सलाह लेनी चाहिए। बिना जरूरत लंबे समय तक इन दवाओं का इस्तेमाल करने से बचना ही बेहतर है।
(Disclaimer: इस खबर में दी गई स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं.)














